शिवसेना यूबीटी के सांसद संजय राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हाल ही में की गई 'इंसान' वाली टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पहले पॉडकास्ट में कहा था कि "वह इंसान हैं और गलतियां कर सकते हैं", जिस पर संजय राउत से सवाल किया गया। इसके जवाब में राउत ने शनिवार को अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "वह (मोदी) भगवान हैं, मैं उन्हें इंसान नहीं मानता। भगवान तो भगवान ही होते हैं, और अगर कोई व्यक्ति खुद को अवतरित घोषित करता है, तो वह इंसान कैसे हो सकता है? वह विष्णु के 13वें अवतार के रूप में माने जाते हैं। भगवान को इंसान कहने वाली बात में कुछ गड़बड़ है। ऐसा लगता है कि इसमें केमिकल लोचा है।"
इस बयान से संजय राउत ने यह स्पष्ट किया कि वह प्रधानमंत्री मोदी को केवल एक इंसान के तौर पर नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक या दिव्य रूप में देख रहे हैं।
इसके अलावा, संजय राउत ने आगामी स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने घोषणा की कि उनकी पार्टी शिवसेना यूबीटी इन चुनावों में अकेले ही भाग लेगी। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "विपक्षी गठबंधन इंडिया और महा विकास आघाडी (MVA) का गठबंधन केवल लोकसभा और विधानसभा चुनावों के लिए है, लेकिन स्थानीय निकाय चुनावों में हम अपने दम पर चुनाव लड़ेंगे।
पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी हमें संकेत दिए हैं कि हमें अकेले चुनाव लड़ने चाहिए। इस गठबंधन में अलग-अलग दलों के कार्यकर्ताओं को पर्याप्त मौके नहीं मिलते, और इस कारण संगठनात्मक विकास में रुकावट आती है। हम मुंबई, ठाणे, नागपुर और अन्य नगर निगमों, जिला परिषदों और पंचायतों के चुनाव अकेले ही लड़ेंगे।"
इसके साथ ही, संजय राउत ने राज्य विधानसभा में एमवीए की हार को लेकर कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार पर भी निशाना साधा।
राउत ने कहा कि जो लोग गठबंधन की आम सहमति और समझौते में विश्वास नहीं करते, उन्हें गठबंधन में रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इंडिया गठबंधन ने लोकसभा चुनावों के बाद से एक भी बैठक नहीं बुलाई है। उनका कहना था, "हमने इंडिया गठबंधन के लिए एक संयोजक भी नहीं नियुक्त किया है, और यह स्थिति ठीक नहीं है। गठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते बैठक बुलाने की जिम्मेदारी कांग्रेस की है, लेकिन वे इसे निभाने में असमर्थ रहे हैं।"
राउत ने यह भी कहा कि इस तरह के मुद्दों से गठबंधन के भीतर की एकजुटता पर असर पड़ता है, और इसे जल्द ही ठीक करना आवश्यक है।
संजय राउत के इन बयान से यह स्पष्ट होता है कि शिवसेना यूबीटी ने अपनी राजनीतिक रणनीति पर काफी विचार किया है और वह आगामी चुनावों में अपने दम पर लड़ने के पक्ष में है। उन्होंने गठबंधन के भीतर समस्याओं को भी उजागर किया, जो आगे की राजनीतिक रणनीतियों को प्रभावित कर सकते हैं।
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