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एसएन सुब्रमण्यम के बाद अब दीपक शेनॉय ने हफ्ते में 100 घंटे काम करने का दावा किया, बहस तेज़

 19 Mar 2026

इन दिनों कॉर्पोरेट जगत में कामकाजी घंटों को लेकर एक महत्वपूर्ण बहस चल रही है, और इस चर्चा में हाल ही में एक नया मोड़ आया है। कैपिटल माइंड के संस्थापक और सीईओ दीपक शेनॉय ने अपने हफ्ते में 100 घंटे काम करने का दावा करते हुए इस बहस को और बढ़ा दिया है। उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट में लिखा कि उन्होंने अपने पूरे करियर में लगभग हफ्ते में 100 घंटे काम किया है, खासकर तब जब वे एक एंटरप्रिन्योर थे। इस पोस्ट पर लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं, और इसने सोशल मीडिया पर एक नई चर्चा को जन्म दिया है। हालांकि दीपक शेनॉय ने यह भी स्पष्ट किया कि काम के घंटों को बढ़ाना हमेशा जरूरी नहीं होता। उनका मानना है कि जिन लोगों में आंतरिक प्रेरणा होती है, वे काम को खुशी से करते हैं, चाहे वह कितने भी घंटे हो। 


उन्होंने कहा कि वास्तव में एक दिन में जो काम होता है, वह केवल 4 से 5 घंटे का होता है, लेकिन यह चार से पांच घंटे किस प्रकार के होते हैं, इस बारे में उन्होंने विस्तार से कुछ नहीं बताया। दीपक ने आगे यह भी कहा कि मीटिंग्स का समय अक्सर असली काम के घंटों में नहीं जोड़ा जा सकता क्योंकि इन मीटिंग्स में काम से ज्यादा समय निकल जाता है। दीपक शेनॉय ने इस मुद्दे पर अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा कि वे काम और खेल दोनों में पूरी तरह से समर्पित रहते हैं। उनका कहना था कि जब वे खेलते हैं तो पूरी ताकत से खेलते हैं, और जब वे काम करते हैं तो उसमें भी खुद को पूरी तरह से झोंक देते हैं।

 इस पर उन्होंने लोगों को यह सलाह दी कि बेहतर होगा कि वे अपनी व्यक्तिगत रिद्म और कार्यशैली के अनुसार काम करें। उनका मानना है कि यह तरीका न केवल काम को अधिक प्रभावी बनाएगा, बल्कि इससे सफलता और कमाई में भी वृद्धि होगी। दीपक का कहना है कि घड़ी की ओर न देखकर अगर लोग अपनी ऊर्जा और समय का सही उपयोग करें, तो उनका प्रदर्शन बेहतर होगा और वे तरक्की कर सकेंगे। गौरतलब है कि इस वक्त हफ्ते में काम के घंटों को लेकर बहस और भी अधिक गर्म हो गई है। हाल ही में लार्सन एंड टूब्रो के चेयरमैन एसएन सुब्रमण्यम ने भी कहा था कि वे हफ्ते में 90 घंटे काम करते हैं। 

एक मीटिंग के दौरान जब कर्मचारियों ने उनसे वर्क-लाइफ बैलेंस को लेकर सवाल पूछा, तो उन्होंने जवाब दिया कि उन्हें खेद है कि वे रविवार को काम नहीं ले पा रहे हैं, और यहां तक कह दिया कि आप घर पर बैठकर अपनी पत्नी को कितनी देर देख सकते हैं और वह आपको कितनी देर देखेगी। इस बयान ने सोशल मीडिया पर काफी हलचल मचा दी और लोग एसएन सुब्रमण्यम की आलोचना करने लगे। इससे पहले, इंफोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति ने भी हफ्ते में 70 घंटे काम करने की बात की थी, जिसके बाद उन्हें भी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था। इन चर्चाओं से यह साफ हो गया है कि कॉर्पोरेट जगत में काम के घंटों को लेकर एक गंभीर बहस चल रही है, और इस मुद्दे पर अलग-अलग विचार सामने आ रहे हैं। दीपक शेनॉय और एसएन सुब्रमण्यम जैसे कारोबारी अपनी व्यक्तिगत कार्यशैली और अनुभवों के आधार पर अलग-अलग राय रख रहे हैं, जबकि सोशल मीडिया पर इस पर लगातार बहस जारी है।

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