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Delhi: शीशमहल के बाद अब ‘शराब घोटाले’ पर CAG रिपोर्ट ने उड़ाई अरविंद केजरीवाल की नींद

 19 Mar 2026

हाल ही में अरविंद केजरीवाल के प्रशासन को लेकर एक और रिपोर्ट ने उनकी चिंताओं को और बढ़ा दिया है। शनिवार को केंद्र की नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (सीएजी) की एक नई रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें दिल्ली सरकार की आबकारी नीति को लेकर कई गंभीर खामियां उजागर की गई हैं। यह रिपोर्ट दिल्ली के विधानसभा चुनाव से पहले आना, केजरीवाल सरकार के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती है।

सीएजी की रिपोर्ट में क्या कहा गया?


सीएजी की रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि दिल्ली सरकार की खत्म हो चुकी आबकारी नीति में कई खामियां थीं। रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने घाटे के बावजूद कुछ बोलीदाताओं को लाइसेंस देने का निर्णय लिया, जो कि कई सवाल खड़े करता है। इतना ही नहीं, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इससे सरकारी खजाने को 2,026 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, जो सीधे तौर पर आम आदमी को भुगतना पड़ा, जबकि आप नेताओं को रिश्वत मिली। इसके अलावा, सीएजी ने यह भी दावा किया है कि मनीष सिसोदिया और उनके मंत्रियों ने एक्सपर्ट पैनल की सिफारिशों पर गौर नहीं किया और शराब की दुकानों के लिए लाइसेंस जारी करते समय नियमों का उल्लंघन किया गया।

दिल्ली सरकार को हुआ भारी नुकसान


सीएजी की रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि कई अहम फैसले बिना दिल्ली सरकार या उपराज्यपाल की मंजूरी के मनमाने तरीके से लिए गए थे। शिकायतों के बावजूद, सभी संस्थाओं को बोली लगाने की इजाजत दी गई, जिससे सरकार को भारी नुकसान हुआ। रिपोर्ट में बताया गया है कि कुछ रिटेलरों ने नीति खत्म होने से पहले अपने लाइसेंस सरेंडर कर दिए और सरकार ने उन्हें नई टेंडर प्रक्रिया में शामिल नहीं किया, जिससे 890 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इसके अलावा, कुछ लाइसेंसधारियों को अतिरिक्त छूट देकर भी 941 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इतना ही नहीं, सरकार ने कोरोना महामारी के कारण 144 करोड़ रुपये का लाइसेंस फीस माफ कर दिया, जिससे भी राजस्व में भारी घाटा हुआ।

आम आदमी पार्टी के नेताओं पर कार्रवाई


इस रिपोर्ट के बाद आम आदमी पार्टी के कई प्रमुख नेताओं की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। संयोजक अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, राज्यसभा सांसद संजय सिंह और दिल्ली के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन इस मामले में सशर्त जमानत पर बाहर हैं। भाजपा और कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी पर आरोप लगाया कि उन्होंने दक्षिण के अपने “मित्रों” को लाइसेंस देने के लिए नियमों को तोड़ा। वहीं, आप पार्टी ने यह दावा किया है कि केजरीवाल और अन्य नेताओं को ईमानदार छवि को धूमिल करने के लिए गलत तरीके से इस मामले में फंसाया गया है।

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