Article

विदेश मंत्री जयशंकर का बयान- वैश्विक सुरक्षा के लिए आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद को हराना होगा

 09 Apr 2026

भारत के विदेश मंत्री डॉक्टर एस जयशंकर ने आतंकवाद को वैश्विक शांति के लिए एक गंभीर खतरा बताया है। उन्होंने यह भी जोर दिया कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले प्रायोजकों, वित्तपोषकों और मददगारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना बेहद जरूरी है। डॉ. जयशंकर ने इस दौरान पाकिस्तान पर भी कटाक्ष किया।


कजाकिस्तान के अस्ताना में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन के दौरान डॉक्टर एस जयशंकर ने कहा, ‘‘आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद जैसे दानवों के खिलाफ लड़ने की बेहद आवश्यकता है।’’ उन्होंने यह बात एक साक्षात्कार के दौरान कही थी। चार जुलाई को आयोजित इस शिखर सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व उन्होंने किया था, जहां पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी शामिल हुए थे।

‘वैश्विक शांति के लिए सबसे बड़ी चुनौती है आतंकवाद’


डॉक्टर एस जयशंकर ने कहा, ‘‘इसमें कोई शक नहीं है कि आतंकवाद आज वैश्विक शांति के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। यह न केवल राष्ट्रीय बल्कि वैश्विक शांति के लिए भी गंभीर खतरा बन चुका है। हम सभी को आतंकवाद के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। हमें यह भी समझना होगा कि सिर्फ आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले ही इसके जिम्मेदार नहीं हैं, बल्कि इसके मददगार, वित्तपोषक और प्रायोजक भी उतने ही खतरनाक हैं। इन सबकी पहचान कर सख्त से सख्त सजा देना बेहद आवश्यक है।’’

आतंकवाद के खिलाफ मजबूत कार्रवाई पर जोर


डॉ. एस जयशंकर ने जोर देते हुए कहा कि एससीओ क्षेत्रीय आतंकवाद विरोधी संरचना (आरएटीएस) की मदद से आतंकवाद के खिलाफ मजबूत कार्रवाई कर सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘अस्ताना शिखर सम्मेलन में आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद के खिलाफ संयुक्त रूप से कार्रवाई की दिशा में सार्थक बातचीत हुई है।’’ पिछले साल दिल्ली में एससीओ शिखर सम्मेलन में भी आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद के खिलाफ सामूहिक प्रयासों की जरूरत पर बल दिया गया था। अब कजाखस्तान में भी इस दिशा में काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई है।

Read This Also:- UP में योगी पुलिस की ताबड़तोड़ एनकाउंटर कार्रवाई, 2017 से 2024 तक 217 अपराधियों को किया ढ़ेर, क़ानून या आतंक का सफ़ाया?