लखीमपुर खीरी में युवक की मौत के बाद बवाल मच गया। परिजनों ने पुलिस पर पीट-पीटकर हत्या करने का आरोप लगाया। मंगलवार शाम को CO धौरहरा परिजनों को समझाने पहुंचे, लेकिन उनकी बातचीत से ही स्थिति और बिगड़ गई। CO ने कहा- "चाहे जितने दिन शव रखना है रखो, न तो कोई थाना सस्पेंड होगा, न ही तुम्हें 30 लाख रुपए मिलेंगे। तुम्हारी कोई भी मांग पूरी नहीं होगी।" इससे पहले, मंगलवार दोपहर गुस्साए ग्रामीणों ने निघासन हाईवे जाम कर दिया था, जिसे पुलिस ने लाठीचार्ज कर खुलवाया।
मामला मझगई थाना क्षेत्र के हुलासी पुरवा गांव का है। शराब बनाने के आरोप में युवक को पुलिस ने हिरासत में लिया था। पुलिस का दावा है कि युवक भागते समय गिरकर बेहोश हो गया और अस्पताल ले जाने के बाद उसकी मौत हो गई। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बुधवार सुबह CO का वीडियो पोस्ट कर लिखा- "भाजपा हृदयहीन पार्टी है।"
मझगई थाना के हुलासी पुरवा निवासी रामचंद्र (36) सोमवार को लकड़ी बीनने गया था। आरोप है कि निघासन और मझगई थाने की पुलिस ने वहां पहुंचकर रामचंद्र को अवैध शराब बनाने के आरोप में पकड़ लिया। मझगईं थाने लाकर उसकी जमकर पिटाई की गई, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। पुलिस ने उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निघासन में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने के बाद परिजन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और शव छीनने की कोशिश की, लेकिन शव नहीं मिला। इसके बाद जमकर हंगामा किया।
हंगामे के बाद एसपी ने परिजनों को समझाकर तीन डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमॉर्टम कराने और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। पोस्टमॉर्टम के बाद परिजन शव सरकारी एम्बुलेंस से नहीं ले गए। हाईवे जाम करने पहुंचे ग्रामीणों और पुलिस के बीच झड़प हुई। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। घटना के बाद तनाव को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
मुआवजा और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर मृतक की पत्नी पूनम ने निघासन और मझगई थाने के पुलिसकर्मियों पर हत्या का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई। परिजनों ने कहा- उनके ऊपर जितने फर्जी केस लगाए गए हैं, उन्हें समाप्त किया जाए, मृतक की पत्नी को 30 लाख रुपये का मुआवजा मिले।
इसके अलावा निघासन और मझगईं थाने के थाना प्रभारियों को सस्पेंड किया जाए। जब तक मांग पूरी नहीं होगी, हम शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
CO धौरहरा पीपी सिंह मंगलवार शाम परिजनों को समझाने पहुंचे, लेकिन उनकी बातचीत से स्थिति और बिगड़ गई। उन्होंने कहा- "न मझगई थाना सस्पेंड होगा, न निघासन थाना सस्पेंड होगा।" उन्होंने धमकी भरे लहजे में कहा- "न तो तुम्हें 30 लाख रुपए मिलेंगे। तुम्हें जितने दिन शव रखना है रख लो। मैं जा रहा हूं यहां से, तुम्हें जो करना है कर लो।"
वहीं, परिजन अंतिम संस्कार से इनकार कर रहे हैं।
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