सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि 21 पैरा गोताखोरों ने खदान से एक शव बरामद किया है। हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं शोकाकुल परिवार के साथ हैं। वहीं, एनडीआरएफ के कमांडेंट एन तिवारी ने बताया कि श्रमिकों को निकालने के लिए 24 घंटे लगातार काम किया जा रहा है। हम जल्द ही फंसे हुए श्रमिकों तक पहुंच जाएंगे। फिलहाल सेना की टीम वहां काम कर रही है, और शीघ्र ही नौसेना की टीम भी वहां पहुंच जाएगी। वहीं, खदान में काम करने वाले एक श्रमिक ने बताया कि उसका भाई खदान में फंसा है। अचानक लोगों ने चिल्लाना शुरू कर दिया कि पानी भर रहा है। 30-35 लोग तो बाहर आ गए, लेकिन 15-16 लोग फंसे रह गए।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि पुलिस ने इस घटना की जांच के लिए खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21(1) के साथ धारा 3(5)/105 बीएनएस के तहत एफआईआर दर्ज की है। यह घटना एक अवैध खदान से जुड़ी प्रतीत होती है। मामले में पुनीश नुनिसा नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। मैंने माननीय केंद्रीय कोयला मंत्री किशन रेड्डर से भी बात की है और उमरंगसू में बचाव अभियान के लिए सहायता मांगी है। उन्होंने तुरंत कोल इंडिया मुख्यालय को निर्देश दिए हैं। असम सरकार को इस मिशन में पूरा समर्थन देने के लिए मैं उनका आभार प्रकट करता हूं।
खदान में जमा पानी को निकालने के लिए डी-वाटरिंग पंप मंगाया गया है। सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि बचाव अभियान जोरों पर है। सेना और एनडीआरएफ के गोताखोर खदान में उतर चुके हैं। नौसेना के जवान भी मौके पर हैं, और उनके बाद गोता लगाने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इसके अलावा, एसडीआरएफ के डी-वाटरिंग पंप उमरंगशु से घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं। ओएनजीसी के डी-वाटरिंग पंप को कुंभीग्राम से एमआई-17 हेलीकॉप्टर पर लोड किया गया है।
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