दिल्ली विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी कि दिल्ली चुनाव के लिए 5 फरवरी को मतदान होगा और इसके परिणाम 8 फरवरी को घोषित किए जाएंगे। इस दौरान चुनाव आयोग से विवादित बयानों को लेकर भी सवाल पूछे गए। हाल ही में बीजेपी के कैंडिडेट रमेश बिधूड़ी ने प्रियंका गांधी और मुख्यमंत्री आतिशी पर कुछ विवादित बयान दिए थे, जिनकी चुनाव आयोग ने कड़ी निंदा की।
राजीव कुमार ने बिधूड़ी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर कोई महिला के बारे में भद्दी टिप्पणियां करता है, तो उसे जितनी निंदा की जाए, उतनी की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह केवल चुनाव आयोग का काम नहीं है, बल्कि समाज के सभी हिस्सों को इस तरह की टिप्पणी की आलोचना करनी चाहिए। हालांकि, चुनाव आयोग ने इस मामले में अभी कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने कहा कि हम अपने डिस्ट्रिक्ट ऑफिसर को फिलहाल क्रिमिनल एक्शन लेने से रोक रहे हैं, लेकिन यह निर्णय वोटर्स को लेने दिया जाए।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने यह भी कहा कि इस प्रकार के गंदे कमेंट्स की निंदा की जानी चाहिए और चुनाव आयोग ने इस पर अपनी सख्त गाइडलाइन भी जारी की है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग इस तरह की टिप्पणियों को स्वीकार नहीं करता और इसकी आलोचना करता है, लेकिन चुनाव आयोग ने फिलहाल इसमें कोई सक्रिय कार्रवाई करने से परहेज किया है।
रमेश बिधूड़ी ने हाल ही में रोहिणी में बीजेपी की परिवर्तन रैली में मुख्यमंत्री आतिशी के बारे में अपमानजनक टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था, "आतिशी मार्लेना ने अपना नाम बदलकर मार्लेना से सिंह कर लिया।" इसके अलावा, उन्होंने आतिशी के पिता के बारे में भी आपत्तिजनक बयान दिया था, जिसमें यह आरोप लगाया गया था कि उन्होंने अफजल गुरू का समर्थन किया था। इन बयानों की मुख्यमंत्री आतिशी ने आलोचना की और बीजेपी पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाया था।
प्रियंका गांधी के बारे में भी बिधूड़ी ने एक भद्दी टिप्पणी की थी। कालकाजी में अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था, "कालकाजी की सड़क प्रियंका गांधी के गाल जैसी बना देंगे।" हालांकि, शुरुआत में बिधूड़ी ने इस बयान के लिए माफी मांगने से इनकार किया था, लेकिन बाद में उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और अन्य पार्टी नेताओं को टैग करते हुए माफी मांगी।