जन सुराज पार्टी के संस्थापक और प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत किशोर की तबीयत 2 जनवरी से जारी बेमियादी अनशन के छठे दिन गंभीर रूप से बिगड़ गई है। पिछले छह दिनों से केवल पानी पर रहने के कारण उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हो रहा है। डॉक्टरों ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति को गंभीर बताया है और उन्हें तत्काल इलाज की आवश्यकता है। इसके बाद उन्हें पटना के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी देखभाल आईसीयू में की जा रही है। इस दौरान प्रशांत किशोर अनशन पर बने हुए हैं और मुंह से दवाइयां भी नहीं ले रहे हैं, जिसके चलते उनकी हालत और बिगड़ सकती है।
प्रशांत किशोर की पत्नी, डॉ. जाह्नवी दास, जो एक चिकित्सक हैं, को दिल्ली से पटना बुलाया गया है। सूत्रों के अनुसार, डॉ. जाह्नवी को इस लिए बुलाया गया है ताकि वे प्रशांत किशोर को इलाज के लिए मनाएं और उचित चिकित्सकीय देखभाल सुनिश्चित की जा सके। उनकी पत्नी के पटना पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है। साथ ही अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में बाहरी लोगों के प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई है।
इससे पहले, प्रशांत किशोर ने गांधी मैदान में बीपीएससी परीक्षा में कथित धांधली और उसके परिणामों को रद्द करने की मांग को लेकर 2 जनवरी को अनशन शुरू किया था। यह अनशन छात्र-छात्राओं के समर्थन में था, जो बीपीएससी परीक्षा में हुई गड़बड़ी के खिलाफ विरोध कर रहे थे। इससे पहले, 26 दिसंबर को भी प्रशांत किशोर ने छात्रों को गांधी मैदान में जुटाया था और मुख्यमंत्री आवास के रास्ते में पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने के बाद उन्हें प्रशासन की ओर से विरोध का सामना करना पड़ा था।
प्रशांत किशोर पर 26 दिसंबर के आंदोलन और 2 जनवरी के अनशन के सिलसिले में प्रशासन ने दो मुकदमे दर्ज किए थे। इस सिलसिले में, सोमवार की सुबह लगभग 4 बजे उन्हें गांधी मैदान से गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, कोर्ट के आदेश पर उन्हें सशर्त जमानत मिल गई थी, लेकिन प्रशांत किशोर ने जेल जाने का निर्णय लिया था। बाद में कोर्ट ने जमानत की शर्तों को हटा लिया, और वे रिहा हो गए।
प्रशांत किशोर के स्वास्थ्य में तेजी से गिरावट होने के कारण उनके समर्थक और परिवारवाले अब उनके इलाज के लिए और अधिक सतर्क हो गए हैं। डॉक्टरों ने भी यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि प्रशांत ने इस स्थिति में जल्द ही भोजन लेना और दवाइयां लेना शुरू नहीं किया तो उनकी स्थिति और गंभीर हो सकती है।
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