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ResignPM: जस्टिन ट्रूडो ने इस्तीफ़े के बाद बताया कि उन्हें किस बात का रहेगा पछतावा

 16 Apr 2026

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने आखिरकार अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह घोषणा उन्होंने सोमवार को ओटावा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में की। लगभग दस साल तक प्रधानमंत्री रहते हुए 53 साल के ट्रूडो ने यह निर्णय लिया। उन्होंने अपनी उपलब्धियों और मुश्किलों के बारे में बात की, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि उन्हें इस साल होने वाले आम चुनाव से पहले इस्तीफा देना पड़ा, और इस फैसले का उन्हें एक अफसोस है।


 ट्रूडो ने कहा, "अगर मुझे किसी बात का पछतावा है, तो वह यह है कि हम सरकार चुनने के तरीके को बदलने में सफल नहीं हो पाए। मैं चाहता था कि लोग एक ही बैलेट पेपर पर अपने पहले, दूसरे और तीसरे विकल्प को चुन सकें।" उन्होंने आगे कहा कि यह जरूरी है कि देश में अगले चुनाव में सही विकल्प सामने आए। और उन्होंने यह भी माना कि अगर उन्हें पार्टी के अंदर चल रही लड़ाई से जूझना पड़े, तो वह उस चुनाव में सबसे अच्छा विकल्प नहीं बन सकते थे, इसलिए उन्होंने पीछे हटने का फैसला किया। इसके अलावा, ट्रूडो ने यह भी माना कि उनकी पार्टी को इस समय कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कनाडा में महंगाई बढ़ गई है और पार्टी के अंदर असंतोष भी है। 

इस कारण उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है। ट्रूडो यह समझते थे कि चुनाव में उनकी राह आसान नहीं होगी, इसलिए उन्होंने इस्तीफा देने का फैसला लिया। हाल ही में आई रिपोर्ट्स में यह सामने आया है कि लिबरल पार्टी कंजर्वेटिव पार्टी से काफी पीछे चल रही है। कंजर्वेटिव पार्टी के नेता पियरे पोलीवरे की लोकप्रियता में बढ़ोतरी हो रही है। पोलीवरे, ट्रूडो की नीतियों की कड़ी आलोचना करते हैं। वहीं ट्रूडो को कनाडा के गवर्नर जनरल से 24 मार्च तक संसद की कार्यवाही को स्थगित करने की अनुमति मिल गई है। इससे लिबरल पार्टी को विपक्ष का सामना करने से पहले खुद को फिर से संगठित होने का समय मिलेगा। ट्रूडो का इस्तीफा कनाडा की राजनीति में एक बड़ा बदलाव है। अब यह देखना होगा कि उनकी जगह कौन प्रधानमंत्री बनेगा और आने वाले समय में देश की राजनीति में क्या नए बदलाव होंगे।