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प्रशांत किशोर को जमानत, लेकिन कोर्ट की शर्तों को नकारा, जेल जाने का खतरा

 30 Apr 2026

बीपीएससी परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर अनशन पर बैठे जन सुराज पार्टी के अध्यक्ष प्रशांत किशोर को पटना सिविल कोर्ट ने जमानत दे दी, लेकिन कोर्ट की शर्तों को स्वीकार करने से वे इनकार कर रहे हैं। इसके कारण यह चर्चा है कि यदि उन्होंने कोर्ट की शर्तों को मानने से इंकार किया, तो उन्हें जेल जाना पड़ सकता है।


प्रशांत किशोर को रविवार को पटना के गांधी मैदान से गिरफ्तार किया गया था, जिसके कुछ ही देर बाद सिविल कोर्ट ने उन्हें 25,000 रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी। हालांकि, पीके ने कंडीशनल बेल को स्वीकार करने से मना कर दिया। एसडीजेएम आरती उपाध्याय की अदालत ने शर्त रखी थी कि वे आगे से ऐसा कोई भी काम नहीं करेंगे, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़े। इसके बावजूद, प्रशांत किशोर ने बेल बॉन्ड भरने से इनकार किया है, और उनके वकील शिवानंद गिरी का कहना है कि यदि बॉन्ड नहीं भरा जाता है, तो पीके को जेल जाना पड़ सकता है।

प्रशांत किशोर ने कहा कि उन्हें कंडीशनल बेल स्वीकार नहीं है, और इस पर उनके वकील ने भी कोर्ट से शर्त हटाने की मांग की, लेकिन अदालत ने इसे अस्वीकार कर दिया। इसके बाद, पीके ने स्पष्ट किया कि वे बॉन्ड नहीं भरेंगे, जिससे उनकी जेल जाने की संभावना बढ़ गई है।

गांधी मैदान में आमरण अनशन कर रहे पीके को पुलिस ने सुबह गिरफ्तार किया। उनके खिलाफ जबरन धरना देने का आरोप लगाया गया, क्योंकि जहां वे धरना दे रहे थे, वहां पर पहले ही प्रतिबंध लगाया गया था। जिलाधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि प्रशांत किशोर गांधी मैदान के प्रतिबंधित क्षेत्र में अवैध रूप से धरना दे रहे थे। कई बार उनसे अनुरोध किया गया था कि वे जगह छोड़ दें, लेकिन वे और उनके समर्थक नहीं माने। इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया और 43 अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया। इसके साथ ही 15 वाहन जब्त किए गए, और पहचान के बाद यह पाया गया कि उनमें से 30 लोग छात्र नहीं थे, हालांकि कुछ ने छात्र होने का दावा किया है, जिसकी पुष्टि की जा रही है।

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