Article

Delhi Poll: संजय सिंह का बड़ा दावा: बीजेपी रमेश बिधूड़ी को बना सकती है मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार

 30 Apr 2026

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने हाल ही में एक बड़ा और चौंकाने वाला दावा किया है कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अपने वरिष्ठ नेता रमेश बिधूड़ी को आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी जिस तरीके से रमेश बिधूड़ी का समर्थन कर रही है, उनकी टिप्पणियों का बचाव कर रही है और उन्हें लगातार सार्वजनिक रूप से प्रमोट कर रही है, उससे यह साफ हो गया है कि पार्टी उनका नाम मुख्यमंत्री पद के लिए आगे बढ़ाने की योजना बना रही है। 


संजय सिंह ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि अब दिल्ली की जनता को यह तय करना है कि उन्हें दिल्ली का मुख्यमंत्री कौन चाहिए – क्या वे अरविंद केजरीवाल की नेतृत्व में विकास और अच्छे शासन को पसंद करेंगे, या फिर बीजेपी के कथित सीएम उम्मीदवार रमेश बिधूड़ी के नेतृत्व को अपनाएंगे। इसके बाद संजय सिंह ने दिल्ली की महिला मुख्यमंत्री आतिशी के खिलाफ रमेश बिधूड़ी द्वारा दिए गए अत्यंत विवादास्पद और अपमानजनक बयान की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि रमेश बिधूड़ी का बयान किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं हो सकता, क्योंकि यह न केवल असंवेदनशील था, बल्कि इसने महिलाओं के खिलाफ एक घिनौनी मानसिकता को भी उजागर किया। 

संजय सिंह ने कहा, "यह राजनीति में रहने वाले एक व्यक्ति का सबसे गंदा और बेहूदा बयान था।" उन्होंने विशेष रूप से यह भी बताया कि रमेश बिधूड़ी ने 80 साल के बीमार आतिशी के पिता के बारे में जो कुछ कहा, वह बेहद अपमानजनक था। यह बयान न केवल राजनीतिक असहमति को ही दिखाता है, बल्कि एक ऐसी गहरी असंवेदनशीलता को भी उजागर करता है, जो राजनीति में महिलाओं के प्रति सम्मान की कमी का प्रतीक है। संजय सिंह ने गुस्से में कहा कि रमेश बिधूड़ी का यह बयान केवल एक व्यक्ति की गुस्से या बदले की भावना का नतीजा नहीं था, बल्कि बीजेपी की पूरी मानसिकता को दर्शाता है, जहां अपमान, हिंसा और गाली-गलौज को राजनीति का हिस्सा मान लिया गया है। 

उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी, खासकर रमेश बिधूड़ी जैसे नेताओं के माध्यम से, राजनीति को एक ऐसे स्तर पर ला रही है, जहां किसी भी तरह की मर्यादा का उल्लंघन किया जा रहा है और सार्वजनिक जीवन में शालीनता की कोई अहमियत नहीं रही है। संजय सिंह ने अंत में बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि यह पार्टी "गुंडों की पार्टी" बन चुकी है, जहां न तो नेताओं का कोई आदर्श होता है और न ही वे किसी की गरिमा की परवाह करते हैं। उन्होंने कहा, "इस तरह के बयान और ऐसी मानसिकता से साफ जाहिर होता है कि बीजेपी में कोई नैतिकता और विचारधारा नहीं बची है।" उनका यह भी मानना था कि दिल्ली की जनता ऐसे लोगों को कभी भी सत्ता में नहीं आने देगी, जो न केवल अपमानजनक भाषा का प्रयोग करते हैं, बल्कि जनहित के मुद्दों को छोड़कर व्यक्तिगत हमलों में व्यस्त रहते हैं।