लखनऊ के बीबीडी इलाके के हासेमऊ क्षेत्र में रविवार रात एक गंभीर संपत्ति विवाद के चलते प्रापर्टी डीलर अतुल कुमार मिश्रा पर ताबड़तोड़ पांच राउंड फायरिंग की गई, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। इस हमले के दौरान, हालांकि, अतुल मिश्रा बाल-बाल बच गए। घटना के बाद पुलिस ने अतुल की तहरीर पर नरेंद्र नाथ शुक्ला, सांवत देव शुक्ला और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ जानलेवा हमले और अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और वहां से तीन खोखे बरामद किए हैं।
अतुल कुमार मिश्रा के मुताबिक, 2024 में उन्होंने नरेंद्र नाथ और सावंत देव शुक्ला की मदद से एक प्लॉट खरीदा था। इसके बाद तीनों के बीच बातचीत होने लगी। कुछ माह पहले, नरेंद्र ने अतुल से 49 लाख रुपये उधार मांगे थे, जिसे अतुल ने दे दिया था। इनमें से 39 लाख रुपये नरेंद्र ने लौटा दिए थे, लेकिन 10 लाख रुपये अभी बाकी थे। अतुल के अनुसार, 28 दिसंबर को उनकी सास का निधन हो गया था और उन्हें उस समय पैसों की आवश्यकता पड़ी। अतुल ने नरेंद्र से बाकी के 10 लाख रुपये की मांग की, लेकिन नरेंद्र ने टालमटोल शुरू कर दिया और दबाव डालने पर रुपये देने से इनकार कर दिया।
रविवार रात को नरेंद्र और सावंत ने कुछ अन्य साथियों के साथ अतुल के घर पर आकर गाली-गलौज की और रुपये की मांग की। जब अतुल ने उनका विरोध किया और दरवाजा बंद करने का प्रयास किया, तो हमलावरों ने दरवाजा तोड़ दिया। इसके बाद नरेंद्र ने ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिससे मोहल्ले में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत यह रही कि फायरिंग के दौरान अतुल मिश्रा किसी तरह बाल-बाल बच गए। उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी और घटना की जानकारी दी।
बीबीडी इंस्पेक्टर अजय नारायण सिंह और एसीपी विभूतिखंड राधा रमण सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और तीन खोखे बरामद किए। एसीपी ने बताया कि पुलिस ने नरेंद्र, सावंत और अन्य अज्ञात हमलावरों के खिलाफ जानलेवा हमले, अवैध हथियारों का इस्तेमाल और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने हमलावरों की तलाश के लिए तीन टीमों का गठन किया है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं।
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