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Maharashtra: BJP की रणनीति का खुलासा, महाविजय का 'ट्रिपल V' फॉर्मूला बना जीत की कुंजी

 01 May 2026

महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति गठबंधन ने शानदार जीत दर्ज की है। नवंबर में आए नतीजों के मुताबिक, राज्य विधानसभा की 288 सीटों में भाजपा को 132, एकनाथ शिंदे की शिवसेना को 57 और अजित पवार की एनसीपी को 41 सीटें मिलीं, जो महायुति के लिए अप्रत्याशित सफलता थी। 2019 के विधानसभा चुनावों में भाजपा को 105 सीटें मिली थीं, जबकि इस बार 25 सीटों का इजाफा हुआ। विशेषज्ञों के अनुसार, भाजपा की इस सफलता को 'ट्रिपल V फॉर्मूला' (जातिगत वोटों का विघटन, विखंडन और विभाजन) से जोड़ा जा रहा है, जिसे भाजपा के लिए नए सिरे से एक मजबूत रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।


दोनों गठबंधनों में 1 करोड़ वोटों का अंतर


मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जातिगत वोटों में विभाजन के चलते भाजपा को महायुति गठबंधन को बहुमत दिलाने में मदद मिली। भाजपा की चुनाव रणनीति में इस बात का अध्ययन किया गया है कि महायुति और महाविकास आघाडी (MVA) के बीच 1 करोड़ वोटों का अंतर था। यह अंतर भाजपा की जीत का महत्वपूर्ण कारण बना। 

मराठा वोटों का बंटवारा


भाजपा ने महाराष्ट्र के प्रमुख वोट बैंक, मराठा समुदाय के वोटों को अपनी ओर खींचकर बड़ी सफलता हासिल की। MVA गठबंधन, जिसमें कांग्रेस, उद्धव ठाकरे की शिवसेना और शरद पवार की एनसीपी शामिल थीं, ने मराठा और मुस्लिम वोटों को एकजुट करने का प्रयास किया था। हालांकि, इन वोटों का बंटवारा शिंदे की शिवसेना, ठाकरे शिवसेना और पवार-आधारित एनसीपी में हुआ, जिससे भाजपा को बड़ा फायदा हुआ। इसके साथ ही, भाजपा को ब्राह्मण, दलित और OBC के एकजुट वोट भी मिले, जो इसके ऐतिहासिक नतीजों का हिस्सा बने।

वोट बैंक का बंटवारा और भाजपा की रणनीति


भा.ज.पा. की चुनावी टीम ने वोट बैंक के विभाजन को ध्यान में रखते हुए अपनी रणनीतियों को तैयार किया। इस स्टडी से यह साफ हुआ कि महाराष्ट्र में भाजपा ने विभिन्न जातियों के वोटों को विभाजित करके अपनी स्थिति मजबूत की और अन्य राज्यों में भी इस रणनीति को अपनाने की योजना बनाई है।

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