पंजाब के बारनाला जिले में शनिवार को एक बेहद दुखद बस दुर्घटना हुई, जिसमें तीन महिला किसानों की जान चली गई और कई अन्य घायल हो गए। यह महिलाएं भारतीय किसान यूनियन (BKU) एकता उग्रहन से जुड़ी हुई थीं और हरियाणा के टोहणा में आयोजित होने वाली किसान महापंचायत में भाग लेने के लिए जा रही थीं। दुर्घटना उस समय हुई जब महिलाएं और अन्य किसान कार्यकर्ता बस से यात्रा कर रहे थे। घटना के बाद घायल व्यक्तियों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
यह किसान महापंचायत भारतीय किसान यूनियन (SKM) द्वारा आयोजित की जा रही थी।
यह महापंचायत किसानों के अधिकारों को लेकर एक महत्वपूर्ण आयोजन है, जिसमें उनके विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाती है। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) के बैनर तले किसान दिल्ली कूच से रोके जाने के बाद 13 फरवरी से पंजाब और हरियाणा के शंभू और खनौरी बॉर्डर पर डेरा डाले हुए हैं। किसान अपने हक के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं, जिनमें से एक महत्वपूर्ण मुद्दा है - फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी।
इस संघर्ष में वरिष्ठ किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल 26 नवंबर से खनौरी बॉर्डर पर आमरण अनशन पर हैं, ताकि भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर दबाव डाला जा सके और किसानों की मांगों को मान्यता दी जाए।
उनका मुख्य उद्देश्य एमएसपी की कानूनी गारंटी और किसानों के अन्य अधिकारों की रक्षा है। इस मुद्दे पर उच्चतम न्यायालय ने सितंबर 2024 में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश नवाब सिंह की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया था, जिसका कार्य इस आंदोलन के समाधान के लिए रास्ता निकालना है।
यह दुखद घटना किसानों के संघर्ष और उनकी मेहनत को दर्शाती है, जो अपनी मांगों को पूरा करने के लिए निरंतर संघर्षरत हैं। इस दुर्घटना ने सभी को यह याद दिलाया है कि किसानों के मुद्दे अभी भी गंभीर बने हुए हैं और उनकी आवाज़ को सुना जाना चाहिए।
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