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अग्निवीर भर्ती घोटाले का भंडाफोड़: एसटीएफ और आर्मी इंटेलिजेंस ने पकड़ने में किया बड़ा खुलासा!

 01 May 2026

एसटीएफ मेरठ फील्ड यूनिट और आर्मी इंटेलिजेंस मध्य कमान ने एक संयुक्त ऑपरेशन के तहत अग्निवीर भर्ती के नाम पर चल रहे बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह के जरिए भारतीय सेना और अग्निवीर भर्ती में फर्जी तरीके से युवाओं को भर्ती कराकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की जा रही थी। इस ऑपरेशन के दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया, और उसके पास से भर्ती से संबंधित कई महत्वपूर्ण कागजात भी बरामद किए गए हैं।


 इसके अलावा, इस मामले में कुल चार लोगों के खिलाफ सदर बाजार थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ ने एक जाल बिछा रखा है और जल्द ही सभी आरोपियों को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है। एसटीएफ को हाल ही में जानकारी मिली थी कि भारतीय सेना और अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा कर रहा एक गिरोह सक्रिय है, जो युवाओं से पैसे लेकर उन्हें फर्जी तरीके से भर्ती करवाता था। इस जानकारी के आधार पर एसटीएफ ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी थी और सभी यूनिटों को भी इस ऑपरेशन में लगाया गया। कुछ दिन पहले, एसटीएफ को सूचना मिली कि इस गिरोह का एक सदस्य कुछ अभ्यर्थियों को लेकर आर्मी हॉस्पिटल के पास स्थित तेल डिपो के निकट मौजूद है। जानकारी की पुष्टि होने के बाद, एसटीएफ ने आर्मी इंटेलिजेंस मध्य कमान के साथ मिलकर आरोपी की घेराबंदी की और उसे कार से पकड़ लिया। 

 गिरफ्तार आरोपी की पहचान बागपत जिले के छपरौली गांव के निवासी राहुल पुत्र प्रीतम सिंह के रूप में हुई। पूछताछ में राहुल ने बताया कि वह और उसके साथी लंबे समय से इस फर्जीवाड़े में शामिल थे। उसके पास से अग्निवीर भर्ती के चयनित अभ्यर्थियों की एक फर्जी लिस्ट और कुछ फर्जी एडमिट कार्ड भी बरामद हुए। राहुल ने अपने गिरोह के तीन अन्य सदस्यों के नाम लिए, जिनमें राजू पटेल, सुमित और सोमवीर शामिल हैं। सुमित राहुल के गांव का ही निवासी है, जबकि राजू और सोमवीर बिहार और हरियाणा से हैं। एसटीएफ ने इन चारों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करते हुए सदर बाजार थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया है। अब एसटीएफ और आर्मी इंटेलिजेंस का पूरा ध्यान इस गिरोह के बाकी सदस्यों और उनके नेटवर्क को उजागर करने पर है। 

एसटीएफ ने पूरी योजना बनाई है और जल्द ही गिरोह के अन्य लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा। इस गिरोह के फर्जीवाड़े के जरिए हजारों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा था, और अब पुलिस की कार्रवाई से इस बड़े धोखाधड़ी का पर्दाफाश हुआ है। एसटीएफ ने इस मामले को लेकर पूरी तरह से जांच शुरू कर दी है और उम्मीद जताई जा रही है कि इस गिरोह के सभी आरोपियों का पर्दाफाश जल्द ही किया जाएगा।

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