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श्रावस्ती में मदरसा संचालक के काले धंधे का खुलासा: तस्करी, जाली नोट और युवतियों की तस्करी!

 01 May 2026

उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले के मल्हीपुर थाने के लक्ष्मनपुर गांव में स्थित मदरसे के संचालक, मुबारक अली उर्फ नूरी बाबा के बारे में चौंकाने वाली जानकारियां सामने आ रही हैं। पहले कबाड़ के कारोबार से शुरुआत करने वाले नूरी बाबा ने धीरे-धीरे अपनी अवैध गतिविधियों का दायरा बढ़ाया, और अब तस्करी, जाली नोटों का धंधा, और युवतियों की तस्करी जैसे गंभीर अपराधों में लिप्त होने का आरोप है। 


नेपाल सीमा के करीब स्थित होने के कारण, नूरी बाबा मदरसे से अवैध व्यापार और तस्करी का नेटवर्क चला रहा था, जिसमें वह जाली नोटों का कारोबार भी करता था। इसके अलावा, वह झाड़-फूंक के बहाने युवतियों को मदरसे में रोकता था और फिर उन्हें नेपाल भेज देता था। सूत्रों के मुताबिक, नूरी बाबा नेपाल भी अक्सर जाता था और नेपाल से वहां के युवकों और युवतियों को लेकर आता था। मदरसे में बाहरी लोगों की आवाजाही नियमित थी, जिनमें नेपाली युवक और युवतियां शामिल होते थे।

 ग्रामीणों के अनुसार, नूरी बाबा ने कम समय में लाखों की संपत्ति अर्जित कर ली थी, जिसका प्रमुख कारण उसकी तस्करी और जाली नोटों के कारोबार में शामिल होना था। इस पूरे मामले में उसकी कनेक्शन की गहराई को समझने के लिए पुलिस और खुफिया तंत्र ने अब पूरी तरह से सक्रिय हो कर जांच शुरू कर दी है। इस मामले की निगरानी खुद एसपी कर रहे हैं, और पुलिस अधिकारियों द्वारा की जा रही जांच में उसकी अवैध गतिविधियों के बारे में और भी महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की संभावना है। हालांकि, नूरी बाबा की संदिग्ध गतिविधियों के बारे में गांव के लोग पहले से ही जानते थे, लेकिन उनका डर और बाबा के तंत्र-मंत्र के प्रभाव के कारण किसी ने भी उसकी करतूतों के खिलाफ आवाज नहीं उठाई। 

नूरी बाबा अपनी ऊंची पहुंच और तंत्र-मंत्र के नाम पर ग्रामीणों को दबाव में रखता था, जिससे उसकी गतिविधियों को छिपाना आसान हो गया था। अब जब पुलिस ने अपनी कार्रवाई शुरू की है, तो लोग खुलकर जानकारी दे रहे हैं और उसकी गतिविधियों पर जांच तेज कर दी गई है। पुलिस और खुफिया तंत्र उसके सभी कनेक्शनों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि इस अवैध नेटवर्क का पूरी तरह से पर्दाफाश किया जा सके।