प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर किए गए 'शीशमहल' वाले कटाक्ष पर आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। केजरीवाल ने प्रधानमंत्री मोदी के बयान का जवाब देते हुए कहा कि 2700 करोड़ रुपए के आलीशान सरकारी निवास में रहने वाले शख्स के मुंह से 'शीशमहल' की बात करना बिल्कुल भी उचित नहीं लगता। उन्होंने आगे कहा कि यह बात प्रधानमंत्री मोदी की कथनी और करनी में फर्क को उजागर करती है, क्योंकि मोदी की सरकार गरीबों और आम आदमी के मुद्दों को नजरअंदाज करते हुए खुद के ऐशो-आराम पर ध्यान दे रही है।
केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को यह समझना चाहिए कि उनका खुद का घर या उनकी आलीशान जीवनशैली उनके राजनीतिक कार्यों को सही नहीं ठहराती है, खासकर जब उनकी पार्टी हमेशा गरीबों के लिए योजनाओं का प्रचार करती है। अरविंद केजरीवाल का कहना था कि उन्होंने हमेशा 'आम आदमी' की आवाज को उठाया है, और उनका पूरा उद्देश्य दिल्ली के गरीबों और वंचितों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
इस विवाद के बीच, केजरीवाल ने पीएम मोदी द्वारा 'आप' पार्टी को 'आपदा' कहे जाने पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि असल में 'आपदा' दिल्ली में नहीं, बल्कि भाजपा में है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा की अंदरूनी राजनीति और गुटबाजी से ही पार्टी लगातार गलत दिशा में जा रही है, और जनता का विश्वास खो रही है। उनका कहना था कि भाजपा के नेताओं को आपसी विवादों को छोड़कर जनता के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को दिल्ली के अशोक विहार में 4500 करोड़ रुपए की योजनाओं का उद्घाटन करते हुए अप्रत्यक्ष रूप से अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि केजरीवाल का खुद का कोई घर नहीं है और अगर वह चाहते तो अपने लिए भी 'शीशमहल' बना सकते थे, लेकिन उनका सपना केवल गरीबों को पक्का मकान देने का है।
वहीं भाजपा के नेता यह भी आरोप लगा रहे हैं कि केजरीवाल ने मुख्यमंत्री बनने के बाद जिस सरकारी घर में रहना शुरू किया, उस घर को 'शीशमहल' कहा जाता है। भाजपा का आरोप है कि इस घर में मुख्यमंत्री केजरीवाल ने ऐशो-आराम के लिए करोड़ों रुपए खर्च किए हैं।
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