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"पूछताछ के नाम पर 15 घंटे की प्रताड़ना, सुप्रीम कोर्ट ने ईडी पर उठाए सवाल"

 08 May 2026

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कार्यों पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है। कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में एजेंसी के पूछताछ के तरीकों को "अमानवीय" और "अहंकारी" करार दिया। हरियाणा के पूर्व कांग्रेस विधायक सुरेंद्र पंवार से लगातार 15 घंटे तक पूछताछ करने के बाद उन्हें देर रात गिरफ्तार किए जाने पर कोर्ट ने एजेंसी की तीखी आलोचना की।  सुप्रीम कोर्ट की बेंच, जिसमें जस्टिस अभय एस. ओका और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह शामिल थे, ने कहा कि किसी व्यक्ति को बिना किसी ब्रेक के इतने लंबे समय तक बयान देने के लिए मजबूर करना बेहद चौंकाने वाला है। यह न केवल अमानवीय है, बल्कि व्यक्ति की गरिमा का भी उल्लंघन करता है।


पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा


ईडी ने अवैध खनन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हाई कोर्ट द्वारा सुरेंद्र पंवार की गिरफ्तारी को रद्द करने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले को सही ठहराया। हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि पंवार को सुबह 11 बजे से लेकर रात 1:40 बजे तक बिना किसी ब्रेक के पूछताछ के दौरान प्रताड़ित किया गया।

ईडी के वकील जोहेब हुसैन ने कोर्ट में तर्क दिया कि पंवार को पूछताछ के दौरान डिनर ब्रेक दिया गया था और हाई कोर्ट ने गलत तथ्यों को आधार बनाकर गिरफ्तारी रद्द की। सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को खारिज करते हुए सवाल किया कि इतने लंबे समय तक किसी से पूछताछ करना उचित कैसे हो सकता है।

सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि यह मामला आतंकी गतिविधियों से जुड़ा नहीं था, बल्कि अवैध रेत खनन से संबंधित था। ऐसे में पूछताछ के दौरान इस तरह का व्यवहार अनावश्यक और अनुचित है। कोर्ट ने टिप्पणी की, "किसी को बयान देने के लिए मजबूर करना और उसके साथ अमानवीय व्यवहार करना स्वीकार्य नहीं है।"

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