उत्तर प्रदेश के संभल जिले में इस समय खुदाई को लेकर एक नया विवाद उठ खड़ा हुआ है। यह विवाद खासतौर पर मंदिर और बावड़ी की खुदाई के दौरान बढ़ा है। गुरुवार को महमूद सराय इलाके में चामुंडा मंदिर के पास एक प्राचीन और 100 साल पुराना कुंआ मिलने के बाद लोगों की भारी भीड़ वहां जमा हो गई। इस मौके पर पुलिस और प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। इसके बाद बुलडोजर को बुलाकर कुंए की खुदाई शुरू की गई। यह कुंआ लंबे समय से दो पक्षों के बीच विवाद का कारण बना हुआ था। एक पक्ष का आरोप था कि दूसरे पक्ष ने इसे पाटकर उस पर कब्जा कर लिया था, जिसके कारण जिलाधिकारी के पास शिकायत की गई थी।
जिलाधिकारी ने मामले की जांच के बाद कुंए की खुदाई का आदेश दिया था, जो अब मौके पर कार्रवाई के रूप में दिखाई दे रहा था। इस बीच, लोग इस घटनाक्रम को बहुत ध्यान से देख रहे थे, और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई थी।
वहीं, चंदौसी के मोहल्ला लक्ष्मणगंज में प्राचीन बावड़ी की खोदाई में भी अब तक कई अहम बदलाव और घटनाएं हो चुकी हैं। इस बावड़ी की पहली मंजिल अब पूरी तरह से साफ हो चुकी है, और दूसरी मंजिल की करीब 11 सीढ़ियां, गेट, और अंदर के कई हिस्से भी सामने आने लगे हैं। खुदाई के दौरान मजदूरों को कई प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को जैसे ही मजदूर खोदाई कर रहे थे, एएसआई की टीम वहां पहुंची और दूसरी मंजिल की जांच की।
जांच के दौरान, टीम को वहां दीवारों के टूटने, प्लास्टर न होने, और कई जगहों पर दीवारों के क्षतिग्रस्त होने के संकेत मिले। इसके साथ ही, अंदर आक्सीजन की कमी के संकेत भी मिले, जो एक खतरनाक स्थिति पैदा कर रहे थे। इस पर, एएसआई ने फैसला लिया कि मजदूरों को दूसरी मंजिल में जाने से रोका जाए और उन्हें सावधानी बरतने की हिदायत दी जाए। साथ ही, एएसआई ने बताया कि अब दूसरी मंजिल की खोदाई को वह अपनी देखरेख में करेंगे।
इस बीच, बावड़ी की खुदाई को लेकर एक और विवाद सामने आया, जब शहर के एक व्यक्ति ने तीन दिन पहले बावड़ी में शंखनाद किया था। बुधवार को वह फिर से वहां पहुंचा और हंगामा करने लगा।
हंगामे के दौरान, उसने पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को भला-बुरा कहा। हालांकि, वहां खड़े पीएसी के जवान कुछ नहीं कर पाए। जब सनातन सेवक संघ के प्रांत प्रचार प्रमुख कौशल किशोर और मंतेश गुप्ता ने उस व्यक्ति को समझाने का प्रयास किया, तो उसने उनके साथ भी अभद्रता की। इस हंगामे के चलते खुदाई का कार्य कुछ समय के लिए बाधित हो गया। फिर, कौशल किशोर ने इस व्यक्ति के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी है और प्रशासन से उचित कार्रवाई की मांग की है।
इन घटनाओं से यह साफ है कि संभल और चंदौसी में खुदाई से जुड़ी यह प्रक्रिया न सिर्फ ऐतिहासिक महत्व की है, बल्कि अब यह राजनीति और स्थानीय विवादों का भी हिस्सा बन चुकी है।
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