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पीएम मोदी और सीएम योगी संभल में खतरनाक माहौल बनाने के लिए जिम्मेदार - ओवैसी

 13 May 2026

संभल में जामा मस्जिद के पास पुलिस चौकी के निर्माण को लेकर जारी बवाल में अब एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ओवैसी ने कहा कि पीएम मोदी और सीएम योगी संभल में खतरनाक माहौल बनाने के लिए जिम्मेदार हैं, और उन्होंने इस विवाद को तूल देने का काम किया है। ओवैसी का आरोप है कि सरकार जानबूझकर मुस्लिम समुदाय के बीच भेदभाव कर रही है और इस मुद्दे का राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रही है।

ओवैसी ने अपनी पोस्ट में जामा मस्जिद के पास पुलिस चौकी के निर्माण के लिए इस्तेमाल की जा रही जमीन को वक्फ की बताई और इसके खिलाफ कानूनी दलीलें दीं। उन्होंने दावा किया कि यह जमीन वक्फ की है और इस पर निर्माण कार्य करना पूरी तरह से अवैध है। ओवैसी ने कहा कि प्राचीन स्मारक अधिनियम के तहत संरक्षित स्मारकों के पास कोई भी निर्माण कार्य प्रतिबंधित होता है, और चूंकि जामा मस्जिद एक संरक्षित स्मारक है, इसलिए वहां किसी भी प्रकार के निर्माण की अनुमति नहीं दी जा सकती। ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म 'एक्स' पर वक्फ की जमीन से संबंधित कुछ दस्तावेज भी पोस्ट किए, जिसमें उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि यह वक्फ नंबर 39-A, मुरादाबाद है। इसके साथ ही उन्होंने इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार पर कानून का उल्लंघन करने का आरोप भी लगाया। 

ओवैसी ने इस मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि उनकी नीतियों की वजह से इस इलाके में सांप्रदायिक तनाव फैल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की नीतियों से यह साफ दिखाई देता है कि वह मुस्लिम समुदाय के खिलाफ एक भेदभावपूर्ण दृष्टिकोण अपना रही है, खासकर जब यह सार्वजनिक सेवाओं की बात आती है। ओवैसी ने एक अध्ययन का हवाला देते हुए कहा कि जिन इलाकों में मुसलमानों की आबादी अधिक है, वहां सरकार की तरफ से सार्वजनिक सेवाएं प्रदान करने में भारी कमी है। उन्होंने उदाहरण के तौर पर स्कूल, कॉलेज और अस्पतालों की कमी की ओर इशारा किया और सवाल किया कि अगर बीजेपी सरकार मस्जिद के सामने पुलिस चौकी बना सकती है, तो वह मुस्लिम बहुल इलाकों में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को क्यों नहीं बढ़ावा देती? 

 ओवैसी ने आरोप लगाया कि बीजेपी मुस्लिम समुदाय के विकास के बजाय उन्हें समाज से अलग-थलग करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि बीजेपी का असली उद्देश्य मुस्लिमों के बीच असंतोष फैलाना और उनके बीच डर का माहौल बनाना है। ओवैसी ने यह भी कहा कि बीजेपी का यह रवैया दिखाता है कि उनकी सरकार सिर्फ चुनावी फायदे के लिए काम करती है, न कि समाज के सभी वर्गों की भलाई के लिए। इस विवाद पर ओवैसी ने यह भी कहा कि बीजेपी सरकार के पास मुस्लिम इलाकों के विकास के लिए कोई ठोस योजना नहीं है।

 मुस्लिम लड़कियों की स्कूल छोड़ने की दर सबसे अधिक है, मुसलमानों में साक्षरता दर कम है और स्नातकों की संख्या भी बहुत कम है। इसके बावजूद, राज्य सरकार इन समस्याओं को सुलझाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। ओवैसी ने यह सवाल उठाया कि अगर बीजेपी का दावा है कि वह एक समृद्ध भारत बनाना चाहती है, तो फिर वह मुस्लिम इलाकों में बुनियादी सुविधाओं की कमी को क्यों नजरअंदाज कर रही है। ओवैसी ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार की सांप्रदायिक मानसिकता को ही इस तरह के विवादों की वजह बताया। उनका कहना था कि बीजेपी के नेता मुस्लिम इलाकों में पुलिस चौकियों की स्थापना के जरिए उनके ऊपर निगरानी बढ़ाना चाहते हैं, ताकि सांप्रदायिक तनाव और असुरक्षा की भावना पैदा की जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि अगर यह सरकार सही मायने में समृद्ध और विकसित भारत चाहती है, तो उसे मुस्लिम इलाकों में शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

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