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नए साल पर ठंड में सड़क पर बीपीएससी छात्रों का दर्द बढ़ा, भाकपा माले का राजभवन मार्च
25 May 2026
पूरे देश में नए साल (2025) के उत्सव की तैयारियां चल रही हैं, लेकिन बिहार की राजधानी पटना में BPSC अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतर आए हैं और अपने प्रदर्शन को जारी रखे हुए हैं। छात्रों का यह प्रदर्शन दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है और अब यह 14वें दिन में प्रवेश कर चुका है। इस बीच, भाकपा माले ने मंगलवार को राजभवन तक मार्च का ऐलान किया है, जिसमें पार्टी के विधायक विधानसभा से राजभवन तक प्रदर्शन करेंगे।
मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया है कि इस मार्च में राजद और कांग्रेस के नेता भी शामिल हो सकते हैं, जिससे आंदोलन को और मजबूती मिल सकती है।
पटना में इस समय कड़ाके की ठंड पड़ रही है, और तापमान 8-10 डिग्री सेल्सियस तक गिर चुका है, लेकिन इसके बावजूद छात्र प्रदर्शन करने में डटे हुए हैं। उन्होंने चादर और कंबल लेकर धरना प्रदर्शन जारी रखा हुआ है। बीपीएससी छात्रों की मुख्य मांग है कि उनकी पीटी परीक्षा को फिर से कराया जाए, साथ ही कई अन्य मुद्दों पर भी उनका आंदोलन जारी है। छात्रों ने सरकार से अपनी मांगों को जल्द स्वीकार करने की अपील की है, ताकि वे नए साल के अवसर पर अपने परिवारों के साथ खुशी मना सकें।
एक प्रदर्शनकारी छात्र ने न्यूज चैनल से बातचीत में कहा, "हम उम्मीद करते हैं कि सरकार हमारी मांगों पर विचार करेगी। हमें पूरी उम्मीद है कि इस आंदोलन का सकारात्मक परिणाम आएगा, क्योंकि हमारे प्रतिनिधिमंडल ने पहले ही मुख्य सचिव से मुलाकात की थी और वहां पर हमारी मांगों को गंभीरता से सुना गया था।" एक और छात्र ने कहा, "हम किसी तरह का उपद्रव नहीं कर रहे हैं, हम सिर्फ शांतिपूर्वक अपनी मांगों को उठा रहे हैं। हमारे पास कोई और विकल्प नहीं है, बस उम्मीद है कि सरकार हमारी आवाज सुनेगी।"
छात्रों का कहना है कि वे ठंड में सड़कों पर बैठे हुए हैं, क्योंकि अगर सरकार उनकी मांगों को मान ले, तो उन्हें नए साल का जश्न अपने परिवार के साथ मनाने का मौका मिल सकता है। वे चाहते हैं कि सरकार उनके लिए एक ठोस निर्णय ले और उनके संघर्ष का जल्द समाधान हो।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने बताया कि वे 6 तारीख को बिहार लोक सेवा आयोग के पास भी गए थे, लेकिन वहां से कोई हल नहीं मिला और उन्हें अधिकारियों से मिलने का मौका भी नहीं दिया गया।
इससे पहले, आंदोलन कर रहे छात्रों का एक प्रतिनिधिमंडल बिहार के मुख्य सचिव अमृतलाल मीणा से मुलाकात करने गया था। 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव से मुलाकात में 70वीं प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने, परीक्षा में अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच करवाने, छात्रों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने, पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करने, और दिवंगत सोनू कुमार के परिवार को मुआवजा देने की मांग की। मुख्य सचिव ने इन मुद्दों पर गहन चर्चा की और आश्वासन दिया कि छात्रों की मांगों पर विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, उन्होंने छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की। हालांकि, छात्रों ने अभी भी धरना जारी रखने का निर्णय लिया है और उनका आंदोलन अब भी जारी है।
हालांकि, छात्रों की उम्मीदें अब भी कायम हैं, वे मानते हैं कि सरकार उनकी मांगों पर जल्दी निर्णय लेगी। इस मुद्दे पर छात्र संगठनों का समर्थन मिल रहा है, जो उनके साथ हैं और उनके हक की लड़ाई में उनका साथ दे रहे हैं।