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'भ्रष्टाचार के तीस मार खां' के पोस्टर से BJP ने AAP के तीन बड़े नेताओं को घेरा, घोटाले के आरोप लगाए

 25 May 2026

दिल्ली विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही राजनीतिक माहौल गर्माता जा रहा है और विभिन्न पार्टियां एक-दूसरे पर वार करने के लिए तमाम नए हथकंडे अपना रही हैं। अब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने आम आदमी पार्टी (आप) पर एक बड़ा हमला बोला है। बीजेपी ने आप के तीन प्रमुख नेताओं के खिलाफ एक पोस्टर अभियान चलाया है, जिसमें इन नेताओं को 'भ्रष्टाचार के तीस मार खां' करार दिया गया है। 


इस पोस्टर के जरिए पार्टी ने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जो दिल्ली विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक गलियारों में गर्मागरमी का कारण बन चुके हैं। बीजेपी ने अपने पार्टी कार्यालय के बाहर एक पोस्टर लगाया, जिसमें 'भ्रष्टाचार के तीस मार खां' का टैगलाइन इस्तेमाल करते हुए इन तीन नेताओं पर तीखे आरोप लगाए गए हैं। पोस्टर में विशेष रूप से केजरीवाल पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने कथित शराब घोटाले में करोड़ों रुपये की रिश्वत ली और शराब के ठेकेदारों के मार्जिन को 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 125 प्रतिशत कर दिया, जिससे एक बड़े घोटाले का जन्म हुआ। वहीं, मनीष सिसोदिया पर यह आरोप लगाया गया कि वह दिल्ली के शिक्षा मंत्री रहते हुए शराब घोटाले में शामिल हुए और इस मामले में जेल गए। 

बीजेपी ने यह भी दावा किया कि सिसोदिया ने शराब नीति को लागू करने के लिए उद्योगपतियों के साथ गुप्त बैठकें कीं और भ्रष्टाचार के सबूतों को मिटाने के लिए अपने मोबाइल फोन नष्ट किए। बीजेपी ने दिल्ली के पूर्व मंत्री और आप के वरिष्ठ नेता सत्येंद्र जैन पर भी कड़े आरोप लगाए हैं। बीजेपी का कहना है कि जैन पर हवाला चैनलों के जरिए करोड़ों रुपये के लेन-देन का आरोप है और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में उनके खिलाफ ठोस सबूत मिले हैं। इसके साथ ही पार्टी ने जैन पर तिहाड़ जेल में वीआईपी ट्रीटमेंट प्राप्त करने और एक नाबालिग बलात्कारी से मसाज कराने का आरोप भी लगाया है। इसके अलावा, बीजेपी ने आम आदमी पार्टी के 'दिल्ली मॉडल' को भी निशाना बनाया है, यह कहते हुए कि देश के किसी भी राज्य की सरकार के मुकाबले दिल्ली सरकार के सबसे अधिक मंत्री जेल गए हैं। 

पार्टी का कहना है कि आप सरकार की नीतियां और उसकी कार्यशैली भ्रष्टाचार से भरी हुई हैं, और दिल्ली के लोग अब इसके बारे में जानने लगे हैं। दिल्ली विधानसभा चुनाव फरवरी 2025 में संभावित हैं और यह चुनाव आम आदमी पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती हो सकते हैं। 2015 में आप ने दिल्ली की 70 में से 67 सीटों पर शानदार जीत दर्ज की थी, और 2020 में भी 62 सीटों पर विजय प्राप्त की थी। वहीं, बीजेपी को 2020 में सिर्फ 8 सीटें और 2015 में 3 सीटें ही मिल पाई थीं, जबकि कांग्रेस दोनों चुनावों में कोई सीट भी नहीं जीत पाई थी। यह राजनीतिक हमला यह भी संकेत करता है कि आगामी विधानसभा चुनावों में बीजेपी और आम आदमी पार्टी के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिलेगी, और दोनों पार्टियां अपनी-अपनी तरफ से पूरी ताकत झोंकने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगी।