पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के चार मुख्य अभियंताओं ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) के लिए आवेदन किया है, जिसमें तीन मुख्य अभियंता वाराणसी और एक प्रयागराज में तैनात हैं। यह कदम एक बड़े बदलाव की ओर इशारा कर रहा है, क्योंकि इन अभियंताओं में से तीन वितरण विभाग से जुड़े हुए हैं, जबकि एक मुख्य अभियंता कॉमर्शियल विभाग में कार्यरत हैं। विशेष रूप से, कॉमर्शियल विभाग के चीफ ने अक्टूबर में ही वीआरएस के लिए आवेदन कर दिया था और उनका तीन महीने का नोटिस पीरियड अब समाप्त होने को है।
दिलचस्प यह है कि वितरण विभाग के तीनों अभियंता वर्तमान में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं, और उनका वीआरएस आवेदन लखनऊ में हलचल का कारण बन गया है। सूत्रों के अनुसार, इन अभियंताओं ने निजीकरण की प्रक्रिया को देखते हुए यह कदम उठाया है। इस बीच, यह भी बताया जा रहा है कि प्रयागराज में तैनात अभियंता कुछ महीनों में रिटायर हो सकते हैं, जबकि वाराणसी में तैनात अभियंता एक साल बाद सेवानिवृत्त होंगे, और एक अन्य अभियंता की सेवा का समय लंबा है।
इस घटनाक्रम ने निगम में अस्थिरता का माहौल बना दिया है, खासकर लखनऊ में, जहां से इस बदलाव पर नजर रखी जा रही है।
हालांकि, इस पूरे मामले के पीछे निजीकरण का असर बताया जा रहा है, जो शायद मुख्य अभियंताओं को अपने भविष्य के बारे में सोचने पर मजबूर कर रहा है।
इसी बीच, अमरोहा में ओटीएस समेत अन्य विभागीय कार्यों में लापरवाही बरतने पर एक जेई को निलंबित कर दिया गया है। अधीक्षण अभियंता सुनील कुमार ने बताया कि हसनपुर के ईशापुर भटौला शर्की उपकेंद्र पर तैनात जेई विवेक कुमार ने बार-बार दी गई चेतावनियों के बावजूद विभागीय ओटीएस योजना की प्रगति पर ध्यान नहीं दिया और राजस्व वसूली में भी निरंतर लापरवाही दिखाई। इसके अलावा, उन्होंने विभागीय निर्देशों के बावजूद क्षेत्र के बड़े बकाएदारों के कनेक्शन काटने का कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
जेई की लापरवाही के कारण विभाग में न सिर्फ काम में रुकावट आई, बल्कि बिजली चोरी की घटनाएं भी बढ़ी। इस गंभीर मुद्दे को देखते हुए अधीक्षण अभियंता ने तत्काल प्रभाव से जेई को निलंबित कर दिया और उन्हें नौगावां सादात एक्सईएन कार्यालय से संबद्ध कर दिया। अधीक्षण अभियंता ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि भविष्य में विभागीय कार्यों में लापरवाही बरतने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। इस कार्रवाई ने निगम के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मचा दिया है, क्योंकि यह एक स्पष्ट संदेश है कि अब से किसी भी प्रकार की लापरवाही सहन नहीं की जाएगी।
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