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Delhi Polls: ओवैसी की AIMIM की दिल्ली चुनाव में एंट्री: विवादित चेहरों के साथ नई रणनीति
25 May 2026
हमेशा से दिल्ली के चुनावी रण से दूरी बनाए रखने वाली हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM), इस बार राजधानी के चुनावी दंगल में कूदने के लिए तैयार है। ओवैसी की पार्टी ने दिल्ली दंगों के आरोपित कुछ प्रमुख चेहरों को मैदान में उतारने की योजना बनाई है, जिससे पार्टी की रणनीति और अधिक स्पष्ट हो रही है।
ताहिर हुसैन और शाहरुख पठान के नाम पर चर्चा
AIMIM ने इस बार दिल्ली दंगा मामले में जेल में बंद आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को मुस्तफाबाद सीट से उम्मीदवार घोषित किया है। साथ ही, दिल्ली दंगों में चर्चा में आए शाहरुख पठान के चुनावी मैदान में उतरने की संभावना पर भी चर्चा हो रही है। एआईएमआईएम के दिल्ली अध्यक्ष शोएब जमई ने हाल ही में शाहरुख के परिवार से मुलाकात की और कहा कि अगर स्थानीय लोग चाहें तो शाहरुख को चुनावी मैदान में उतारा जा सकता है।
ओवैसी और उनकी पार्टी का मकसद मुस्लिम राजनीति को एक पैन-इंडिया विकल्प के रूप में स्थापित करना है। पार्टी का संदेश स्पष्ट है कि जिन मुस्लिम नेताओं को अन्य सेक्यूलर पार्टियां किनारे कर चुकी हैं, एआईएमआईएम उनके साथ खड़ी है। ताहिर हुसैन जैसे विवादित चेहरों को उम्मीदवार बनाकर ओवैसी पार्टी मुस्लिम समाज में अपनी मजबूत स्थिति स्थापित करना चाहते हैं, जिन्हें आम आदमी पार्टी ने निष्कासित किया था।
दिल्ली में ओवैसी की पार्टी की पहली बार चुनावी एंट्री
दिल्ली विधानसभा चुनाव में यह पहला मौका है जब एआईएमआईएम अपनी मौजूदगी दर्ज करा रही है। हालांकि, पिछले तीन विधानसभा चुनावों में ओवैसी की पार्टी ने दिल्ली चुनावों से दूरी बनाई रखी थी। 2013, 2015 और 2020 में दिल्ली विधानसभा चुनावों में 70 से अधिक उम्मीदवारों ने चुनावी मैदान में भाग लिया, लेकिन एआईएमआईएम ने तब उम्मीदवार नहीं उतारे थे। अब, ओवैसी की पार्टी दिल्ली में मुस्लिम वोट बैंक को टारगेट करने के लिए तैयार है।
मुस्लिम वोट बैंक पर AIMIM की नजर
दिल्ली में मुस्लिम वोटर कभी कांग्रेस के साथ हुआ करते थे, जो अब आम आदमी पार्टी के पक्ष में एकमुश्त वोट करते हैं। 2011 की जनगणना के अनुसार, दिल्ली में लगभग 12 फीसदी मुस्लिम वोटर हैं, जो कई विधानसभा सीटों पर निर्णायक भूमिका निभाते हैं। मुस्लिम बहुल सीटों जैसे सीलमपुर, बाबरपुर, ओखला, चांदनी चौक, बल्लीमारान आदि पर एआईएमआईएम उम्मीदवार उतारने की तैयारी है। यदि पार्टी मुस्लिम वोट बैंक में सेंध लगाने में सफल होती है, तो इसका सीधा नुकसान आम आदमी पार्टी को हो सकता है।
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