पाकिस्तान और तालिबान के बीच डूरंड लाइन पर तनाव बढ़ता जा रहा है। पाकिस्तान की सेना और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के आतंकियों के बीच संघर्ष ने हिंसक रूप ले लिया है। TTP आतंकियों द्वारा पाकिस्तानी सेना के 16 सैनिकों की हत्या के बाद, पाकिस्तानी वायुसेना ने अफगानिस्तान के पाक्तिका और खोस्त प्रांत में हवाई हमले किए। इन हमलों में लगभग 50 लोगों की मौत हो गई। पाकिस्तान ने दावा किया कि उसके हमले का निशाना टीटीपी के आतंकी थे।
तालिबान का जवाबी हमला
इस हमले के जवाब में तालिबानियों ने डूरंड लाइन के पास स्थित पाकिस्तानी सेना की चौकियों पर हमला कर 19 पाकिस्तानी सैनिकों को मारने और 2 चौकियों पर कब्जा करने का दावा किया। हालांकि, पाकिस्तानी सेना ने स्वीकार किया कि डूरंड लाइन के आसपास संघर्ष हुआ है, लेकिन उनके अनुसार, तालिबानी हमले में सिर्फ एक सैनिक की मौत हुई है। डूरंड लाइन को लेकर पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच दशकों से विवाद चल रहा है। यह रेखा ब्रिटिश राज के दौरान खींची गई थी, जिसे अफगानिस्तान कभी मान्यता नहीं देता। अफगानिस्तान की सरकारें और तालिबान इसे एक काल्पनिक रेखा मानते आए हैं। अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने भी हाल ही में इसे काल्पनिक बताते हुए कहा कि पाकिस्तान ने इन सीमावर्ती इलाकों से अफगान जमीन पर हमले किए थे।
तालिबान का सख्त रुख
अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "28 दिसंबर को पाकिस्तान के उन इलाकों पर हमला किया गया, जहां से अफगान जमीन पर हमले किए जा रहे थे।" मंत्रालय के अनुसार, अफगान सेना ने पाकिस्तानी सेना की कई चौकियों को नष्ट कर दिया है। तालिबान के प्रवक्ता ने भी स्पष्ट किया कि वे डूरंड लाइन को पाकिस्तान की सीमा के रूप में नहीं मानते। शनिवार रात तक तालिबान और पाकिस्तान के बीच संघर्ष जारी रहा। हालांकि, वर्तमान में स्थिति शांतिपूर्ण बताई जा रही है। संघर्ष के चलते हजारों अफगान नागरिकों को सीमावर्ती इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है।
डूरंड लाइन विवाद और दोनों देशों के बीच मौजूदा संघर्ष ने क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर खतरा पैदा कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तनाव को कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास आवश्यक हैं।
Read This Also:- 'हमारी जमीन भारत के खिलाफ इस्तेमाल नहीं होगी', तालिबान का बड़ा बयान