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अफ़ग़ानिस्तान में महिलाओं के लिए तालिबानी फ़रमान: घरों में खिड़कियों को किया प्रतिबंधित

 29 May 2026

अफगानिस्तान में तालिबान सरकार ने महिलाओं के खिलाफ एक नया कानून लागू किया है, जिसके अनुसार नए बने घरों में खिड़कियां नहीं होनी चाहिए। इस कानून को इस उद्देश्य से लागू किया गया है ताकि महिलाएं बाहर की दुनिया को न देख सकें और उनके निजी जीवन की कोई झलक बाहरी लोगों को न मिले। तालिबान सरकार के सर्वोच्च नेता ने इस मामले में आदेश जारी किया है, जिसमें यह कहा गया है कि महिलाओं की उपस्थिति या झलक दिखने से अश्लील घटनाएं उत्पन्न हो सकती हैं, जिससे समाज की नैतिकता पर असर पड़ सकता है।


तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने इस आदेश पर अपने बयान में कहा कि नई इमारतों में ऐसी खिड़कियां नहीं होनी चाहिए जो आंगन, रसोईघर, पड़ोसी के कुएं या महिलाओं के द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले अन्य स्थानों को दिखाती हों। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाएं यदि किचन में काम कर रही हों, बरामदे में चल रही हों, या कुएं से पानी ले रही हों, तो इस दृश्य को बाहर से देखना अश्लीलता और अनैतिकता को बढ़ावा दे सकता है, जो समाज में असहमति और अव्यवस्था उत्पन्न कर सकता है।

जबीहुल्ला मुजाहिद ने यह निर्देश भी दिया कि म्यूनिसिपल अधिकारियों और अन्य संबंधित विभागों को नए निर्माणाधीन घरों की निगरानी करनी होगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इन घरों में किसी भी खिड़की या झरोखे का मुंह पड़ोसियों के घर की तरफ न हो। यदि किसी पुराने घर में पहले से ही पड़ोसी के घर की ओर खिड़की खुली है, तो मकान मालिक को उसे बंद करने या किसी ऐसे उपाय को अपनाने का आदेश दिया गया है जिससे बाहर से घर के अंदर का दृश्य दिखाई न दे। मकान मालिक को या तो उस खिड़की के सामने दीवार बनानी होगी या फिर कोई और उपाय करना होगा, जिससे पड़ोसी उस खिड़की से अंदर न देख सकें।

यह नया कानून तालिबान सरकार द्वारा महिलाओं के खिलाफ लगाए गए प्रतिबंधों की श्रृंखला का हिस्सा है, जिसके तहत महिलाओं की स्वतंत्रता और अधिकारों को लगातार सीमित किया जा रहा है। अगस्त 2021 में सत्ता में आने के बाद से तालिबान ने महिलाओं के खिलाफ कई कठोर नीतियां अपनाई हैं, जिनमें उन्हें सार्वजनिक जीवन में भाग लेने से रोकना, उनके लिए शिक्षा के अवसरों पर पाबंदी लगाना, और उन्हें नौकरी करने की अनुमति न देना शामिल है। इसके अलावा, तालिबान ने महिलाओं के पार्कों और सार्वजनिक स्थानों तक जाने पर भी रोक लगा दी है। हाल ही में तालिबान ने एक और नया कानून जारी किया है, जिसके तहत महिलाओं को सार्वजनिक रूप से गाना गाने या कविता सुनाने की अनुमति नहीं होगी। यह कदम तालिबान सरकार के द्वारा महिलाओं की सार्वजनिक उपस्थिति और अभिव्यक्ति को सीमित करने की नीति को और भी सख्त बनाता है। तालिबान का यह नया कानून न केवल महिलाओं के अधिकारों को दबाने वाला है, बल्कि यह एक संकेत भी है कि अफगानिस्तान में महिलाओं को हर प्रकार की स्वतंत्रता और आत्मनिर्णय से वंचित रखने के लिए तालिबान सरकार कठोर कदम उठा रही है।