पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता जिमी कार्टर का रविवार को उनके पैतृक घर जॉर्जिया के प्लेन्स में निधन हो गया। वह 100 वर्ष के थे। उनके NGO, कार्टर सेंटर ने यह जानकारी दी। कार्टर 1977 से 1981 तक अमेरिका के 39वें राष्ट्रपति रहे। वह अमेरिका के इतिहास में सबसे लंबे समय तक जीवित रहने वाले राष्ट्रपति बन गए थे। कार्टर सेंटर ने अपने बयान में कहा कि जिमी कार्टर का निधन उनके घर पर परिवार के बीच शांति से हुआ। पिछले एक साल से वह प्लेन्स स्थित अपने आवास में चिकित्सकीय देखरेख में थे। उनकी पत्नी, रोजलिन कार्टर, का नवंबर 2023 में निधन हुआ था।
पूर्व राष्ट्रपति के बेटे चिप कार्टर ने कहा, “मेरे पिता न केवल मेरे, बल्कि उन सभी के लिए एक नायक थे, जो शांति, मानवाधिकार और निःस्वार्थ प्रेम में विश्वास करते हैं।”
विश्व नेताओं की श्रद्धांजलि
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कार्टर के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा, “आज अमेरिका और दुनिया ने एक असाधारण नेता खो दिया। जिमी कार्टर ने यह साबित किया कि हम एक महान राष्ट्र हैं क्योंकि हम अच्छे, सभ्य, सम्माननीय और दयालु लोग हैं।”
पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कार्टर को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, “जिमी कार्टर ने अमेरिका के लिए कठिन समय में नेतृत्व किया और हर अमेरिकी के लिए अथक प्रयास किया। मेलानिया और मैं कार्टर परिवार के लिए प्रार्थना करते हैं।”
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, जिमी कार्टर मेलेनोमा (त्वचा कैंसर) से पीड़ित थे, जो उनके लीवर और मस्तिष्क तक फैल गया था। पिछले वर्ष उनके उपचार समाप्त करने की घोषणा की गई थी, जिसके बाद उन्हें घर पर ही देखभाल मिल रही थी।
राष्ट्रपति काल की उपलब्धियां
कार्टर ने अपने कार्यकाल के दौरान कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं। उन्होंने 1978 में इज़रायल और मिस्र के बीच कैंप डेविड शांति समझौते में अहम भूमिका निभाई। उनके मानवीय प्रयासों के लिए 2002 में उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
उनके प्रयासों के कारण कोरियाई प्रायद्वीप में परमाणु तनाव कम हुआ और उन्होंने बोस्निया और सूडान में युद्धविराम समझौतों में मध्यस्थता की। उन्होंने अमेरिका के हूती विद्रोह पर सैन्य कार्रवाई को भी रोका।
कार्टर का जन्म जॉर्जिया के एक साधारण परिवार में हुआ था। उन्होंने मूंगफली की खेती करते हुए अपना जीवन शुरू किया। ‘वाटरगेट’ घोटाले और वियतनाम युद्ध के बाद, वह 1976 के राष्ट्रपति चुनाव में विजयी रहे। उनके नेतृत्व में अमेरिका ने कठिन आर्थिक चुनौतियों का सामना किया, लेकिन उन्होंने मानवाधिकारों और शांति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता से विश्व स्तर पर प्रशंसा हासिल की। जिमी कार्टर का जीवन और उनकी सेवा आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। वह न केवल एक राजनेता, बल्कि मानवता के प्रति समर्पित एक नेता थे। उनका निधन विश्व भर में शांति और मानवीय प्रयासों के प्रति एक अपूरणीय क्षति है।
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