दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के बेटे और नई दिल्ली विधानसभा सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार संदीप दीक्षित ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल वह अकेले मुख्यमंत्री हैं जिन्हें यह भी नहीं पता होता कि वह कब और कैसे झूठ बोल रहे होते हैं। संदीप दीक्षित ने कहा कि यह वही अरविंद केजरीवाल हैं, जिन्होंने कभी बीजेपी और आरएसएस से मदद ली थी। सुषमा स्वराज और अरुण जेटली के साथ बैठकर बातचीत करने वाले केजरीवाल अब वही पार्टी चला रहे हैं, जो कांग्रेस के खिलाफ खड़ी है।
संदीप दीक्षित ने केजरीवाल पर आरोप लगाते हुए कहा, "यह वही अरविंद केजरीवाल हैं जिन्होंने 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' आंदोलन के दौरान आरएसएस और बीजेपी से समर्थन लिया था। यह वही आम आदमी पार्टी है जिसने हरियाणा में भाजपा को हमारे वोट काटने में मदद की थी।" उनका कहना था कि आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल भाजपा के साथ मिलकर कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने की रणनीति अपना रहे हैं। दीक्षित ने यह भी कहा कि भाजपा दिल्ली में कभी भी आम आदमी पार्टी को हरा नहीं सकती, और इसलिए केजरीवाल और उनकी पार्टी कांग्रेस को निशाना बना रहे हैं, ताकि बीजेपी को फायदा हो।
संदीप दीक्षित ने केजरीवाल के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना से आम आदमी पार्टी की महिला सम्मान योजना के खिलाफ शिकायत करने की बात की थी। इसके बाद उपराज्यपाल ने इस योजना के तहत लोगों का व्यक्तिगत डेटा इकट्ठा करने के सिलसिले में जांच के आदेश दिए थे। इस पर केजरीवाल ने आरोप लगाया था कि बीजेपी और कांग्रेस मिलकर आम आदमी पार्टी को निशाना बना रहे हैं और संदीप दीक्षित के जरिए शिकायत करवाई है। इस पर संदीप दीक्षित ने कहा कि यह आरोप बेबुनियाद है और भाजपा के खिलाफ कोई भी कार्रवाई करने पर आम आदमी पार्टी को हिचकिचाना नहीं चाहिए।
संदीप दीक्षित का कहना था कि केजरीवाल की कथनी और करनी में भारी अंतर है, और अब लोगों को यह समझ में आ चुका है कि वह केवल राजनीति के लिए अपने फायदे का रास्ता चुनते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि केजरीवाल सच्चे नेता होते, तो उन्हें अपनी पार्टी के हितों से ऊपर उठकर काम करना चाहिए था, न कि बीजेपी के पक्ष में काम करने के लिए कांग्रेस को कमजोर करने का प्रयास करना चाहिए था।
संदीप दीक्षित के इस बयान से यह साफ हो गया कि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच की राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता अब और भी तीव्र हो गई है। यह भी बताया गया कि कांग्रेस की नजरें दिल्ली विधानसभा चुनाव पर हैं, और वह पूरी कोशिश कर रही है कि केजरीवाल की पार्टी के साथ-साथ भाजपा को भी टक्कर दी जाए।