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BPSC: मशहूर कोचिंग संचालक गुरु रहमान पर पुलिस की पाबंदी, नहीं जा सकेंगे अभ्यर्थियों के धरना स्थल पर

 03 Jun 2026

बीपीएससी (BPSC) परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर पटना में जारी आंदोलन से जुड़ी एक और अहम खबर सामने आई है। पटना पुलिस ने मशहूर कोचिंग संचालक गुरु रहमान के खिलाफ एक बड़ा आदेश जारी किया है, जिसमें उन्हें बीपीएससी अभ्यर्थियों के धरना स्थल पर जाने से रोक दिया गया है। यह पाबंदी तीन जनवरी तक प्रभावी रहेगी। हालांकि, गुरु रहमान ने कहा है कि वे नॉर्मलाइजेशन के विरोध में अपने अभियान को जारी रखेंगे। उन्होंने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने कभी भी पेपर लीक की बात नहीं की, बल्कि आयोग की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे और इसका विरोध किया है।


गर्दनीबाग में बीपीएससी अभ्यर्थियों का धरना प्रदर्शन जारी है, जिसमें वे सिविल सर्विस 70वीं प्रीलिम्स परीक्षा को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। शुक्रवार को गुरु रहमान और खान सर धरना स्थल पर पहुंचे थे, जहां उन्होंने सार्वजनिक रूप से 13 जनवरी को आयोजित होने वाली पीटी परीक्षा को रद्द करने की मांग की। उनके अनुसार, इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की परीक्षा लेने से स्वतः नॉर्मलाइजेशन हो जाएगा, जिससे परीक्षा में किसी तरह की अनियमितताएं पैदा हो सकती हैं। दोनों कोचिंग संचालकों ने यह भी कहा कि अगर छात्रों के हितों की रक्षा करनी है, तो री-एग्जाम के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है।

इसके बाद, शनिवार को खबर आई कि पटना पुलिस ने गुरु रहमान को गर्दनीबाग थाने बुलाया और उनसे पीटी परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों के संबंध में सबूत मांगे। गुरु रहमान ने समय पर थाने पहुंचकर पूछताछ का सामना किया, और फिर उन्हें कुछ हिदायतें देने के बाद मुक्त कर दिया गया। पूछताछ के बाद, गुरु रहमान ने बताया कि उन्हें तीन जनवरी को फिर से थाने बुलाया गया है और तब तक उन्हें धरना स्थल पर न जाने की हिदायत दी गई है। गुरु रहमान ने कहा कि वह शुरू से ही नॉर्मलाइजेशन का विरोध कर रहे थे और आगे भी करते रहेंगे, क्योंकि उनकी मान्यता है कि यह प्रणाली छात्रों के हित में नहीं है।

गुरु रहमान ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी पेपर लीक या चिटिंग की बात नहीं कही है, क्योंकि उनके पास इस संबंध में कोई ठोस सबूत नहीं हैं। वे केवल बीपीएससी की कार्यशैली और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा, उन्होंने बीपीएससी के अध्यक्ष द्वारा नॉर्मलाइजेशन और परसेंटाइल सिस्टम को लागू न करने की बात का हवाला देते हुए कहा कि इस स्थिति में 12,000 छात्रों को दूसरे प्रश्न पत्र से परीक्षा देने का निर्णय लिया गया है। इस पर उन्होंने सवाल उठाया और यह पूछा कि अगर नॉर्मलाइजेशन और परसेंटाइल प्रणाली से अलग कोई दूसरा विकल्प है, तो वह क्या है। उनकी मांग है कि पूरी परीक्षा को रद्द कर एक ही प्रश्न पत्र से सभी अभ्यर्थियों की परीक्षा ली जाए।

शुक्रवार को जब गुरु रहमान और खान सर धरना स्थल पर पहुंचे थे, तो वहां मौजूद कुछ छात्रों ने उनका विरोध किया। इन छात्रों का कहना था कि आंदोलन को हाइजैक करने की कोशिश की जा रही है, और दोनों कोचिंग संचालकों का यहां आना आंदोलन की प्रामाणिकता पर सवाल उठा सकता है। इसके बाद, दोनों कोचिंग संचालक धरना स्थल से बाहर निकल गए, हालांकि कई छात्र उन्हें रोकने की कोशिश कर रहे थे। यह घटना इस आंदोलन में एक नया मोड़ लेकर आई और यह सवाल भी खड़ा कर दिया कि क्या आंदोलन का नेतृत्व सही दिशा में हो रहा है या कुछ अन्य उद्देश्य से इसे मोड़ा जा रहा है।