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यूपी में एक और बदमाश पुलिस के हाफ एनकाउंटर का शिकार, चोरी की घटनाओं का आरोप

 04 Jun 2026

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में एक और हाफ एनकाउंटर की घटना सामने आई है। गोंडा के देहात कोतवाली क्षेत्र के खोरहंसा चौकी के पास शुक्रवार रात पुलिस और एसओजी टीम ने मुठभेड़ के दौरान एक बदमाश को दबोच लिया। मुठभेड़ में बदमाश के पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया। घायल बदमाश को तुरंत बाबू ईश्वर शरण अस्पताल पहुंचाया गया, जहां पुलिस अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया।


गोंडा के एसपी विनीत जायसवाल ने अस्पताल पहुंचकर मामले की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि मुठभेड़ में घायल बदमाश की पहचान पुजारी उर्फ नीरज के रूप में हुई है, जो ग्राम दत्तनगर विशेन के थाना कोतवाली नगर का निवासी है। आरोपी के पास से पुलिस ने 900 ग्राम चांदी के आभूषण, सोने का मांग टीका और कानों के टॉप्स बरामद किए हैं। एसपी ने कहा कि यह बदमाश लंबे समय से चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहा था और उसका एक साथी दिन में सिल बट्टा बेचने के बहाने घरों की रेकी करता था। फिर, जब पुख्ता जानकारी मिलती थी, तो वह रात में वारदात को अंजाम देता था। इस घटना के बाद पुलिस ने बदमाश के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है और उसके द्वारा किए गए अन्य अपराधों की जांच भी शुरू कर दी है। एसपी ने यह भी बताया कि इस गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है, ताकि चोरी की घटनाओं पर पूरी तरह काबू पाया जा सके।

वहीं, गोंडा के परसपुर थाना क्षेत्र में स्थित ग्राम मधईपुर कुर्मी में एक चोरी की घटना सामने आई है। यहां चेतन पुत्र राम किशोर के घर से 5,000 रुपये नकद, मोबाइल फोन और कृषि उपकरण की चोरी हो गई थी। पीड़ित चेतन ने आरोप लगाया कि पुलिस उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है और घटना की रिपोर्ट दर्ज नहीं की जा रही। चेतन ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह बुधवार रात अपनी झोपड़ी में सो रहा था, और उसके पास रखे रुपये और मोबाइल फोन चोरी हो गए।

हालांकि, परसपुर थाना के इंस्पेक्टर दिनेश सिंह ने मामले की जांच करते हुए कहा कि उन्हें फिलहाल यह प्रतीत नहीं होता कि रुपये चोरी हुए हैं, लेकिन फिर भी मामले की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले की छानबीन जारी है और पीड़ित को जल्द न्याय मिलने का आश्वासन दिया गया है। पुलिस इस चोरी की घटना के संबंध में सभी पहलुओं की जांच कर रही है ताकि आरोपी तक पहुंचा जा सके और ऐसी घटनाओं पर नियंत्रण पाया जा सके।