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Delhi Polls: चुनावी प्रचार में AI का बढ़ता प्रभाव, सोशल मीडिया पर वीडियो और पोस्टर का इस्तेमाल

 04 Jun 2026

दिल्ली विधानसभा चुनाव की तारीखों के एलान से पहले ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) ने प्रचार के मैदान में अपनी ताकत दिखानी शुरू कर दी है। सोशल मीडिया पर राजनीतिक दलों और उनके समर्थकों द्वारा AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है, जिससे चुनाव प्रचार की नई दिशा देखने को मिल रही है। फोटो, वीडियो और ग्राफिक्स एडिटिंग के अलावा डीपफेक वीडियो का भी जमकर इस्तेमाल हो रहा है, जिनके जरिए नेताओं के बयान, भाषण और यहां तक कि उनकी आवाज़ भी नकल की जा रही है।


दिलचस्प बात यह है कि एआई का इस्तेमाल बिना किसी विशेषज्ञ के किया जा सकता है। कुछ ही शब्दों के माध्यम से एआई सटीक जानकारी और कंटेंट प्रदान कर देता है। इस तकनीक की मदद से कई राजनैतिक नेता और उनके समर्थक एक-दूसरे पर हमले करने के लिए सोशल मीडिया पर पोस्ट और वीडियो वायरल कर रहे हैं। एआई की इस तकनीक में किसी व्यक्ति की असली आवाज भी जनरेट की जा सकती है, जिससे प्रचार अभियान को और भी प्रभावी बनाया जा रहा है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, एआई आधारित जीपीटी (जेनरेटिव प्री-ट्रेन्ड ट्रांसफॉर्मर) तकनीक चुनाव प्रचार में सबसे आगे है। इस तकनीक से कंटेंट तैयार करने में पहले जो घंटों लगते थे, अब वह मिनटों में हो जाते हैं। इसके अलावा, इस तकनीक की मदद से गलतियों का खतरा भी खत्म हो गया है। ईमेल, कैप्शन और पोस्टर बनाना भी अब बहुत आसान हो गया है। अब एआई के जरिए पोस्टर, कार्टून और मीम्स आसानी से तैयार किए जा सकते हैं।

दिलचस्प उदाहरणों में से एक है, जब एआई की मदद से दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को डॉ. भीमराव आंबेडकर से आशीर्वाद लेते हुए दिखाया गया। वीडियो में केजरीवाल कहते हैं, "मुझे शक्ति दीजिए बाबा साहेब, ताकि मैं उन लोगों से लड़ सकूं जो आपका और आपके संविधान का अपमान करते हैं।" वहीं, एक और वीडियो में डॉ. आंबेडकर को एआई द्वारा केजरीवाल से नाराज दिखाया गया है, जो इस वीडियो को देखने वालों के बीच काफी वायरल हो गया है।

इसी तरह की एक अन्य वीडियो में भाजपा ने एआई की मदद से आम आदमी पार्टी पर हमला किया है। इस वीडियो में एआई द्वारा दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी और अरविंद केजरीवाल की बातचीत दिखाई गई है, जिसमें वे 2019 में आई छात्रवृत्ति योजना को बदलकर अंबेडकर छात्रवृत्ति योजना के नाम से पेश कर रहे हैं। भाजपा इसे आपका षड्यंत्र बताकर सोशल मीडिया पर वायरल कर रही है। यह साबित करता है कि एआई चुनावी प्रचार में एक नया और प्रभावी हथियार बन चुका है, जो सोशल मीडिया के माध्यम से राजनैतिक संदेशों को तेज़ी से फैलाने का काम कर रहा है।

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