कोलकाता पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी के कार्यालय के पदाधिकारी बनकर एक व्यक्ति से पांच लाख रुपये ठगने की कोशिश करने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह मामला पूर्व बर्धमान जिले के कलना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है, जहां एक 64 वर्षीय व्यक्ति ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उस व्यक्ति का कहना था कि कुछ आरोपियों ने उसे गुमराह करते हुए राजनीतिक प्रभाव का हवाला देकर विभिन्न प्रकार की सुविधाएं दिलाने का झूठा वादा किया और इसके बदले पांच लाख रुपये की मांग की।
शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपियों ने तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के कार्यालय के पदाधिकारी बनकर उसे विश्वास में लिया और कहा कि वे उसे सरकारी योजनाओं के तहत विशेष लाभ दिलवा सकते हैं। इस धोखाधड़ी को और पुख्ता करने के लिए आरोपियों ने अपनी व्हाट्सएप प्रोफाइल पिक्चर में अभिषेक बनर्जी के साथ अपनी एक तस्वीर लगाई, ताकि शिकायतकर्ता को यह यकीन हो सके कि वे सांसद के करीबी लोग हैं।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए गुरुवार को एमएलए हॉस्टल से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इन आरोपियों ने गुमराह करने के लिए फर्जी दस्तावेज भी तैयार किए थे, जिससे शिकायतकर्ता को यह विश्वास हो गया कि वे सही तरीके से सहायता प्रदान करने में सक्षम हैं। पुलिस ने 25 दिसंबर को इस मामले को बीएनएस अधिनियम, 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत कलना पुलिस स्टेशन में दर्ज किया, और मामले की जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पुलिस ने यह भी बताया कि मामले में आगे की पूछताछ की जा रही है और आरोपियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि इस मामले के और पहलुओं का खुलासा किया जा सके। पुलिस का कहना है कि वे धोखाधड़ी करने वाले आरोपियों को कानून के अनुसार सजा दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाएंगे। इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अपराधी किसी भी स्तर तक जा सकते हैं, और पुलिस इस तरह की धोखाधड़ी की घटनाओं को पूरी गंभीरता से ले रही है।