पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का गुरुवार शाम निधन हो गया, जिससे देश में गहरा शोक की लहर दौड़ गई है। उनके निधन के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में सात दिनों के लिए राजकीय शोक की घोषणा की है, जो 26 दिसंबर से लेकर 1 जनवरी तक जारी रहेगा। इस दौरान राज्यभर में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और यूपी सरकार द्वारा किसी भी प्रकार के मनोरंजक कार्यक्रमों का आयोजन नहीं किया जाएगा। इससे पहले से निर्धारित सरकारी कार्यक्रमों को रद्द कर दिया जाएगा, ताकि इस समय देश के इस महान नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की जा सके।
डॉ. मनमोहन सिंह (92) का निधन गुरुवार को हुआ, जब उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई थी। सांस लेने में परेशानी और बेचैनी महसूस होने के बाद उन्हें दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में भर्ती कराया गया। देर शाम, 9:51 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। यह भी जानकारी मिली है कि 2006 में उनकी दूसरी बार बाईपास सर्जरी हुई थी और उसके बाद से उनकी सेहत में गिरावट आ रही थी। हालांकि, उनकी स्वास्थ्य समस्याओं के बावजूद उन्होंने अपना काम जारी रखा और देश की सेवा में हमेशा तत्पर रहे।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए इसे भारतीय राजनीति की अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा, "पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का निधन अत्यंत दुःखद है। उनके योगदान को कभी भी भुलाया नहीं जा सकता। उनके नेतृत्व में भारत ने कई महत्वपूर्ण आर्थिक निर्णय लिए, और वह एक महान अर्थशास्त्री और नेता थे। भगवान से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति मिले और उनके परिवार और समर्थकों को यह असहनीय दुःख सहन करने की शक्ति मिले।"
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी शोक संदेश जारी करते हुए लिखा, "सत्य और सौम्य व्यक्तित्व के धनी महान अर्थशास्त्री और पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी का निधन एक अंतरराष्ट्रीय क्षति है। उनका योगदान न केवल भारत, बल्कि पूरी दुनिया में हमेशा याद किया जाएगा। हम उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।"
डॉ. मनमोहन सिंह की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका रही है, खासकर 1991 में जब उन्होंने भारत के वित्त मंत्री के रूप में ऐतिहासिक आर्थिक सुधारों की शुरुआत की। उनके नेतृत्व में भारत ने कई आर्थिक संकटों का सामना किया और वैश्विक स्तर पर अपनी स्थिति मजबूत की। इसके अलावा, उनकी सरकार के दौरान भारत ने कई महत्वपूर्ण आंतरिक और अंतर्राष्ट्रीय नीतियों को लागू किया, जो आज भी देश की प्रगति की नींव मानी जाती हैं।
उनके निधन से न केवल भारत, बल्कि पूरी दुनिया में उनके योगदान की सराहना की जा रही है। डॉ. मनमोहन सिंह की विनम्रता, ईमानदारी और उनके नेतृत्व की शैली ने उन्हें राजनीति और अर्थशास्त्र के क्षेत्र में एक आदर्श बना दिया। उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बनी रहेगी।