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मनमोहन सिंह की विनम्रता: जब एक फोन कॉल पर खत्म हुआ MP के पूर्व CM शिवराज सिंह का अनशन

 16 Jun 2026

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को आर्थिक सुधारों के जनक के रूप में ही नहीं, बल्कि उनकी विनम्रता और नेतृत्व क्षमता के लिए भी याद किया जाता है। उनके व्यक्तित्व की एक खासियत थी कि वह हमेशा सबकी बात सुनते थे और बिना किसी हिचकिचाहट के मार्गदर्शन प्रदान करते थे। डॉ. सिंह के प्रधानमंत्री रहते हुए राज्यों के मुख्यमंत्रियों से उनके रिश्ते बहुत मजबूत रहे, और उनकी सलाह पर किसी भी मुख्यमंत्री ने कभी भी असहमति नहीं जताई।


एक फोन कॉल पर मध्य प्रदेश के किसानों के मुद्दे को हल किया


एक दिलचस्प किस्सा साझा करते हुए, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि कैसे डॉ. मनमोहन सिंह ने एक फोन कॉल पर मध्य प्रदेश के किसानों के मुद्दे को हल किया। शिवराज सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, "डॉ. साहब न केवल एक महान अर्थशास्त्री थे, बल्कि उनकी सहजता और सरलता ने उन्हें हर किसी का आदर्श बना दिया। मुख्यमंत्री रहते हुए कई मुद्दों पर मुझे उनका मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।"

शिवराज सिंह ने आगे लिखा कि, "एक बार मैं मध्य प्रदेश में किसानों के मुद्दे पर अनशन पर बैठा था, और डॉ. मनमोहन सिंह ने खुद मुझे फोन किया और अनशन तोड़ने का आग्रह किया, साथ ही समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। यह उनके व्यक्तित्व का ही प्रभाव था कि उनकी बात कोई टाल नहीं सकता था।"

केंद्रीय मंत्री ने एक और उदाहरण भी साझा किया, जब उन्होंने डॉ. मनमोहन सिंह के साथ काम करते हुए राष्ट्रीय आपदा के रूप में पाले को मान्यता दिलवाने के लिए संघर्ष किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के रूप में डॉ. मनमोहन सिंह ने हमेशा हर राज्य को सहयोग दिया और उनके सामने आने वाली समस्याओं का समाधान करने में मदद की। इस श्रद्धांजलि में शिवराज सिंह ने डॉ. मनमोहन सिंह के योगदान को याद करते हुए लिखा, "उनका जाना भारतीय राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति है। उनके महान कार्य और दृष्टिकोण को हम हमेशा याद रखेंगे।"