कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने हाल ही में दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना से मुलाकात की और इस दौरान उन्होंने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, वर्तमान मुख्यमंत्री आतिशी और आम आदमी पार्टी (आप) के अन्य नेताओं के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए। संदीप दीक्षित ने इन शिकायतों को चिट्ठियों के माध्यम से एलजी को सौंपा, जिनमें उन्होंने 2100 रुपये वाली योजना, लोगों से फॉर्म भरवाने, उनका डेटा एकत्र करने और सीएम के हस्ताक्षर से संबंधित मामलों का जिक्र किया। इसके अलावा, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पंजाब पुलिस के कुछ लोग उनकी जासूसी कर रहे हैं।
संदीप दीक्षित ने बताया कि आम आदमी पार्टी और उसके नेताओं ने दिल्ली में एक अफवाह फैलाई थी कि दिल्ली में एक हजार रुपये की योजना शुरू की गई है, जिसमें लोगों को 1000 रुपये दिए जाएंगे और जब चुनावों में जीत मिलेगी तो दोबारा 2100 रुपये मिलेंगे। हाल ही में दिल्ली सरकार द्वारा जारी एक विज्ञापन ने यह स्पष्ट कर दिया कि ऐसी कोई योजना वास्तव में मौजूद नहीं थी। इससे यह साबित हुआ कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनकी सरकार ने लोगों को धोखा देने के लिए एक झूठी योजना बनाई थी। संदीप दीक्षित ने इसे एक धोखाधड़ी करार देते हुए कहा कि अगर कोई योजना नहीं है, फिर भी लोगों से फॉर्म भरवाकर उनका डेटा एकत्र किया जाता है, तो यह सीधे तौर पर धोखाधड़ी का मामला बनता है, जिसे आम भाषा में 'चार सौ बीसी' कहा जाता है।
इसके बाद, उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि इन फॉर्मों को भरवाने के लिए लोगों को दबाव डाला जा रहा है, जबकि जिस योजना का दावा किया जा रहा है, वह वास्तव में अस्तित्व में ही नहीं है। यह भी उन्होंने कहा कि यह एक बहुत बड़ा अपराध है और ऐसे फॉर्म भरवाने की प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगनी चाहिए। इसके अलावा, दीक्षित ने यह भी कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि कुछ जगहों पर एक कार्ड वितरित किया जा रहा है, जिस पर पूर्व मुख्यमंत्री के हस्ताक्षर हैं। जब उन्होंने हस्ताक्षरों की तुलना की, तो वे पुराने हस्ताक्षरों से मेल नहीं खा रहे थे। इसका मतलब यह हो सकता है कि या तो किसी ने धोखाधड़ी से उनके नाम पर दस्तखत किए हैं, या फिर आम आदमी पार्टी ने इसको स्वीकार किया है ताकि उनके नाम से छवि को चमकाया जा सके।
संदीप दीक्षित ने यह भी बताया कि उन्होंने एलजी को सूचित किया है कि इन लोगों ने महिलाओं से जाकर उनका डेटा लिया है, जो कि पूरी तरह से अवैध और धोखाधड़ी से किया गया है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि दिल्ली पुलिस को इस मामले की पूरी जांच करनी चाहिए और भविष्य में ऐसी किसी गतिविधि को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने एलजी से यह अपील भी की कि अगर यह सब कुछ अवैध तरीके से हुआ है, तो इसे पूरी तरह से रोका जाना चाहिए और इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
संदीप दीक्षित ने आरोप लगाया कि पंजाब पुलिस के कुछ जासूस, जो राजनीतिक जानकारी इकट्ठा करने के उद्देश्य से दिल्ली और उनके घर के पास भेजे गए हैं, इनकी गतिविधियाँ पूरी तरह से संदिग्ध हैं। उन्होंने एलजी से इस मामले पर पंजाबी पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) से बात करने का अनुरोध किया, ताकि अगर कोई ऐसी गतिविधि हो रही हो, तो उसे तुरंत रोका जा सके। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि पंजाब पुलिस के संरक्षण में दिल्ली में बहुत सारा कैश भेजा जा रहा है, जिसके लिए उन्होंने एलजी से गाड़ियों की तलाशी लेने का अनुरोध किया ताकि वह इन गतिविधियों के बारे में सतर्क रहें और किसी भी अवैध काम को रोका जा सके।
कांग्रेस नेता ने कहा कि एलजी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि उनकी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा और मामले की पूरी जांच कराई जाएगी। यदि इन आरोपों में सच्चाई पाई जाती है और सबूत सही मिलते हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एलजी ने उन्हें यह भी आश्वासन दिया कि इस मामले में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी और न्याय के पूरे प्रक्रिया का पालन किया जाएगा।