CWC की बैठक में ‘बैनर’ बना विवाद, नक़्शे में से PoK और अक्साई चीन ग़ायब, BJP - ‘नई मुस्लिम लीग कांग्रेस!’
23 Jun 2026
कर्नाटक के बेलगावी में कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक से पहले वहां लगाए गए पोस्टरों और बैनरों को लेकर विवाद पैदा हो गया है। इन बैनरों में भारत के मानचित्र को विकृत रूप में पेश किया गया है, जिसके कारण भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। आरोप है कि बेलगावी शहर के प्रवेश द्वार पर लगाए गए इन बैनरों में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) और अक्साई चिन का क्षेत्र गायब कर दिया गया है। भाजपा ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस को "नई मुस्लिम लीग" करार दिया है, और इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस को घेरने की कोशिश की है।
कांग्रेस कार्य समिति की बैठक 26 और 27 दिसंबर को बेलगावी में आयोजित की जाएगी, जिसमें पार्टी के प्रमुख नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सहित अन्य दिग्गज नेता शामिल होंगे। कांग्रेस इस साल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सत्र की शताब्दी मना रही है, जो 1924 में हुआ था। इस शताब्दी समारोह के अवसर पर, कांग्रेस पार्टी ने अपने विभिन्न कार्यक्रमों की योजना बनाई थी, लेकिन बैनरों और पोस्टरों से जुड़ा यह विवाद कार्यक्रम के दौरान प्रमुख चर्चा का विषय बन गया है।
भा.ज.पा. ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने जानबूझकर भारत के मानचित्र को विकृत किया है, और यह कांग्रेस के इरादों को दर्शाता है। भाजपा के पूर्व विधायक संजय पाटिल ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा, “यह कांग्रेस का असली मानसिकता है, और इसलिए कांग्रेस ने कभी अनुच्छेद 370 को हटाने का समर्थन नहीं किया।” भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस का यह कदम भारत की अखंडता को चुनौती देने जैसा है।
स्थानीय भाजपा निगम पार्षद श्रेया नाकडी ने भी इस मामले पर अपना आक्रोश व्यक्त किया, और कहा, “भारत का मुकुट गायब कर दिया गया है। यह अब महात्मा गांधी का भारत नहीं, बल्कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का भारत बन गया है।” भाजपा नेता अमित मालवीया ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा, “कांग्रेस अब नई मुस्लिम लीग बन गई है। यह भारत को फिर से तोड़ने की कोशिश कर रही है। यह कदम देश की एकता और अखंडता के खिलाफ है।”
इस बीच कांग्रेस ने इस मुद्दे से अपनी दूरी बनाते हुए कहा कि ये बैनर पार्टी के आधिकारिक नहीं हैं। कांग्रेस के MLC नागराज यादव ने कहा, “ये बैनर पार्टी के आधिकारिक नहीं हैं, बल्कि कुछ अनुयायियों ने इन्हें लगाया है। अगर कुछ शुभचिंतक या अनुयायी नेताओं का स्वागत करने के लिए बैनर लगाते हैं, तो उनका पार्टी से कोई ताल्लुक नहीं है। कांग्रेस ने कभी इस तरह के बैनरों को मंजूरी नहीं दी है।”
कांग्रेस कार्य समिति की बैठक के आयोजकों का कहना है कि यह विवाद पार्टी की शताब्दी समारोह को लेकर एक उत्सव का माहौल बनाना था, लेकिन बैनरों के कारण इस आयोजन पर साया पड़ गया है। भाजपा और कांग्रेस के बीच इस मुद्दे को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, और यह संभवत: आने वाले दिनों में राजनीतिक विमर्श का प्रमुख मुद्दा बन सकता है।