अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा नियुक्त बॉर्डर निगरानी प्रमुख, गवर्नर टॉम होमन ने कहा है कि अमेरिका से अवैध प्रवासियों का सामूहिक निर्वासन (Mass Deportation) योजना शुरू करने के लिए 86 बिलियन डॉलर की आवश्यकता होगी। मीडिया से बातचीत करते हुए होमन ने कहा कि ट्रम्प का निर्वासन प्रस्ताव 'महंगा' होने जा रहा है। हालांकि, उन्होंने करदाताओं को आश्वासन दिया कि यह योजना भविष्य में पैसे की बचत करेगी।
अमेरिकी संसद से मिलना होगा खर्चा
होमन ने कहा कि इस निर्वासन अभियान के लिए कांग्रेस को धन मुहैया कराना चाहिए। उन्होंने कहा, "यह महंगा होगा, और सभी का ध्यान इस बात पर है कि यह कितना महंगा होगा। लेकिन हमें यह समझना होगा कि शुरुआत में यह महंगा होने जा रहा है, लेकिन लंबे समय में इससे करदाताओं के अरबों डॉलर की बचत होगी।" होमन ने यह भी कहा कि वह वर्तमान में उपलब्ध हजारों 'डिटेंशन बेड्स' की जगह 100,000 'डिटेंशन बेड्स' चाहते हैं। इसके अलावा, संघीय सरकार को अवैध प्रवासियों को अमेरिका से बाहर निकालने के लिए अधिक जेल बिस्तरों, निर्वासन उड़ानों और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भी धन की आवश्यकता होगी।
कनाडा में एक्सप्रेस एंट्री सिस्टम में बदलाव, भारतीय प्रभावित
कनाडा में स्थायी निवास (Permanent Residency) हासिल करने की योजना बना रहे भारतीयों के लिए बुरी खबर है। कनाडाई सरकार ने एक्सप्रेस एंट्री सिस्टम में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है, जो मार्च 2025 से लागू होगा। एक्सप्रेस एंट्री एक ऑनलाइन प्रणाली है जिसका उपयोग कनाडाई सरकार स्किल वर्कर्स की परमानेंट रेजिडेंसी आवेदन को प्रबंधित करने के लिए करती है। इस प्रणाली में उम्मीदवारों को उनकी डिग्री, योग्यताएं, वर्क एक्सपीरियंस और कनाडा में नौकरी का प्रस्ताव मिलने के आधार पर अंक मिलते हैं। लेकिन अब जॉब ऑफर के आधार पर अंक नहीं दिए जाएंगे, जिससे भारतीयों के लिए इसे प्राप्त करना कठिन हो सकता है।
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