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अज़मेर शरीफ के पास ‘अतिक्रमण’ पर ‘बुडोज़र’ कार्रवाई, पुलिस और लोगों के बीच झड़प

 23 Jun 2026

अजमेर में शरीफ दरगाह के आसपास गुरुवार सुबह अचानक कई बुलडोज़र गरजते हुए दिखाई दिए, जब अजमेर नगर निगम की टीम ने एक बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया। इस अभियान के तहत दरगाह क्षेत्र, अढ़ाई दिन के झोपड़े और दिल्ली गेट के आसपास के इलाकों में सड़क किनारे और नालों पर किए गए अतिक्रमण को तोड़ दिया गया। इस कार्रवाई के कारण इलाके में तनाव फैल गया और स्थानीय निवासियों ने इसका विरोध किया। स्थिति तनावपूर्ण होने के कारण पुलिस को दखल देना पड़ा, और इस दौरान पुलिस और दुकानदारों के बीच झड़प भी हुई। माहौल को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है।


नगर निगम के इस एक्शन से पूरे दरगाह क्षेत्र में हड़कंप मच गया। नगर निगम की टीम ने दरकोट, अढ़ाई दिन के झोपड़ा, दिल्ली गेट और अन्य क्षेत्रों में अतिक्रमण को हटाया। इन क्षेत्रों में नालियों और सड़कों पर अतिक्रमण किया गया था, जिन्हें तोड़ा गया। इसके अलावा, दरगाह थाना की फोर्स और अतिरिक्त पुलिस बल की भी तैनाती की गई है। यह कार्रवाई खासतौर पर ख्वाजा गरीब नवाज के 813वें उर्स के मद्देनजर की गई थी, ताकि उर्स के मौके पर इलाके को व्यवस्थित किया जा सके और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि पब्लिक स्थानों पर अतिक्रमण होने की वजह से आम जनता को काफी परेशानी हो रही थी। इन अवैध अतिक्रमणों की वजह से सड़कें और नालियां अवरुद्ध हो गई थीं, जिससे यातायात में परेशानी आ रही थी और पैदल चलने वालों को भी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। हालांकि, इस कार्रवाई का विरोध कई दुकानदारों और स्थानीय व्यापारियों ने किया। उनका कहना था कि यह कार्रवाई उनकी आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है। विरोध बढ़ने के बाद, पुलिस और दुकानदारों के बीच बहस और झड़प भी हुई।

माहौल को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को मजबूरी में एक्शन लेना पड़ा। नगर निगम के अधिकारियों ने कहा कि इस कार्रवाई का उद्देश्य इलाके को व्यवस्थित करना और उर्स के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कठिनाई से बचाना था। उनका मानना था कि अतिक्रमण हटाने से ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार होगा और पैदल चलने वालों के लिए रास्ते साफ होंगे, जिससे सभी को लाभ होगा।

इससे पहले भी नगर निगम ने इलाके में अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस जारी किए थे, लेकिन स्थानीय लोगों ने उस पर ध्यान नहीं दिया। नगर निगम ने कई बार चेतावनी दी थी, लेकिन जब परिणाम नहीं मिला, तो उन्हें कड़ी कार्रवाई करनी पड़ी। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा, ताकि सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण की समस्या का पूरी तरह से समाधान किया जा सके और क्षेत्र में अव्यवस्था खत्म हो।