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Indore: जोमैटो के डिलीवरी बॉय को ‘सेंटा’ बनना पड़ा भारी, हिंदू संगठन के सदस्यों ने उतरवाए कपड़े

 24 Jun 2026

क्रिसमस के मौके पर जोमैटो के एक डिलीवरी बॉय द्वारा सेंटा क्लॉज की ड्रेस पहनकर डिलीवरी करने की घटना इंदौर में खूब चर्चा में आ गई। दरअसल, हिंदू संगठन से जुड़े कुछ लोगों को यह बहुत ही आपत्तिजनक लगा और उन्होंने डिलीवरी बॉय की भावनाओं को आहत बताते हुए उसे सेंटा क्लॉज की ड्रेस उतारने के लिए मजबूर कर दिया। यह घटना उस समय हुई जब जोमैटो ने कुछ डिलीवरी बॉयज़ को क्रिसमस के मौके पर ग्राहकों को खुश करने के लिए सेंटा क्लॉज की ड्रेस पहनने का आदेश दिया था। अब इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए हैं, जिन्हें लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। वायरल हो रहे वीडियो में हिंदू संगठन से जुड़े एक व्यक्ति को जोमैटो के डिलीवरी बॉय से सेंटा क्लॉज की ड्रेस पहनने के कारण पूछते हुए देखा जा सकता है। वह शख्स डिलीवरी बॉय से कहता है, "आप लोग कभी हिंदू त्योहारों पर ऐसा कुछ नहीं करते, जबकि आपके ज्यादातर ग्राहक हिंदू समुदाय से हैं।" इस व्यक्ति का कहना था कि जोमैटो जैसी बड़ी कंपनियां केवल ईसाई और मुस्लिम त्योहारों के मौके पर विशेष पहल करती हैं, जबकि हिंदू त्योहारों पर कभी कुछ खास नहीं किया जाता। इसके बाद, वह डिलीवरी बॉय को यह सलाह देता है कि अगर वह कुछ बनना चाहते हैं, तो भगत सिंह या चंद्रशेखर आजाद जैसे महापुरुषों का अनुकरण करें, न कि सेंटा क्लॉज का। इसके बाद, वह शख्स डिलीवरी बॉय से उसका नाम पूछता है और जब वह अर्जुन कनात बताता है, तो वह उससे कहता है, "अर्जुन भाई, आप हिंदू होते हुए सेंटा क्लॉज की ड्रेस पहनकर क्या संदेश देना चाहते हो?" इसके बाद वह उस डिलीवरी बॉय से सेंटा क्लॉज की ड्रेस उतारने के लिए कहता है। अंत में वह युवक डिलीवरी बॉय से "धन्यवाद" और "जय श्रीराम" कहते हुए वहां से चला जाता है। वीडियो में हिंदूवादी युवक फिर डिलीवरी बॉय से यह सवाल करता है कि सेंटा क्लॉज की ड्रेस पहनने का कारण क्या है। डिलीवरी बॉय का जवाब था कि जोमैटो ने कुछ डिलीवरी बॉयज़ को क्रिसमस के मौके पर सेंटा की ड्रेस पहनकर डिलीवरी करने को कहा था। इस पर हिंदूवादी युवक ने कहा कि जो लोग हिंदू त्योहारों पर कुछ विशेष नहीं करते, उनका यह कदम समझ से बाहर है। वह कहता है, "आप लोग हिंदू समाज के ग्राहकों को सेवा देने के लिए सेंटा क्लॉज का रूप क्यों धारण करते हो? क्या यही संदेश देना चाहते हो? अगर यही करना था तो दीपावली जैसे हिंदू त्योहारों पर भी भगवा पहनकर डिलीवरी करनी चाहिए।" इस पूरे घटनाक्रम ने धार्मिक और सांस्कृतिक संवेदनाओं को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। कई लोगों का मानना है कि इस तरह के फैसले व्यापारिक उद्देश्यों से किए गए होते हैं, ताकि ग्राहकों को खुश किया जा सके, जबकि कुछ लोग इसे असंवेदनशील और सांस्कृतिक असंस्कारिता मानते हैं। वहीं, जोमैटो जैसी कंपनियों को ऐसे मुद्दों पर अधिक संवेदनशील और समझदारी से काम करने की सलाह दी जा रही है, ताकि किसी के धार्मिक या सांस्कृतिक भावना को आहत न किया जाए। Chat

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