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क्रिसमस के दिन मणिपुर में फायरिंग, इलाके में तनाव, लोगों में डर का माहौल

 24 Jun 2026

पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में आज क्रिसमस के दिन एक गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई, जब राज्य की राजधानी इंफाल के पास स्थित पहाड़ी जिलों, इंफाल ईस्ट और कांगपोकपी के बीच अंतर-जिला सीमावर्ती दो गांवों में भारी गोलीबारी की घटना घटी। सुरक्षा बलों के अनुसार, यह गोलीबारी बेहद तीव्र थी, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया और नागरिकों में भय का माहौल बना। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस गोलीबारी में कितने लोग घायल या मृत हुए हैं, लेकिन इस घटना ने इलाके में असुरक्षा और तनाव को बढ़ा दिया है। 


 सुरक्षा बलों की ओर से इस तनावपूर्ण स्थिति को संभालने के लिए प्रभावित गांवों में भारी सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। इसके अलावा, सेना और पुलिस की संयुक्त टीम भी घटनास्थल पर लगातार गश्त कर रही है ताकि किसी और अप्रिय घटना को टाला जा सके। यह भी बताया जा रहा है कि गोलीबारी के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षाबल भेजे गए हैं, और इलाके की निगरानी बढ़ा दी गई है। इस बीच, चुराचांदपुर जिले में सुरक्षा बलों ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है, जिसमें एक पुल के नीचे से 3.6 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है। असम राइफल्स और मणिपुर पुलिस ने एक संयुक्त अभियान के दौरान इंफाल-चुराचांदपुर मार्ग पर स्थित लीसांग गांव से यह विस्फोटक सामग्री जब्त की। 

सेना ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उन्हें चुराचांदपुर जिले के लीसांग गांव में आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) होने की विशेष खुफिया सूचना मिली थी, जिसके बाद इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया। टीम ने पुल के नीचे से डेटोनेटर, कॉर्डटेक्स और अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद की। विस्फोटकों को निष्क्रिय करने के लिए बम निरोधक दस्ते को मौके पर तैनात किया गया है, ताकि किसी प्रकार के विस्फोट से बचा जा सके। सुरक्षा बलों ने मंगलवार को चुराचांदपुर जिले के मोलजोल गांव से भी एक महत्वपूर्ण जब्ती की है। यहां से एम-16 राइफल और उसकी मैगजीन, चार एसबीबीएल देसी बंदूकें, एक रिवॉल्वर सहित सात आग्नेयास्त्र और कारतूस बरामद किए गए हैं। यह जब्ती इलाके में सुरक्षा की स्थिति को और भी गंभीर बनाती है, और यह साफ संकेत है कि आतंकवादी और उग्रवादी गतिविधियां अब भी सक्रिय हैं। 

पुलिस और सेना की संयुक्त टीम इस समय इन गतिविधियों को रोकने के लिए प्रतिबद्ध हैं और जल्द ही अन्य संदिग्ध स्थानों पर भी तलाशी अभियान चलाने की योजना बना रही है। मणिपुर में इस तरह की घटनाओं से न केवल राज्य के सुरक्षा बलों के लिए चुनौती बढ़ी है, बल्कि स्थानीय लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ रही है। हालांकि, सुरक्षा बलों द्वारा उठाए गए कदमों के कारण स्थिति पर कुछ हद तक काबू पाया गया है, लेकिन क्षेत्र में लगातार जारी तनाव और सुरक्षा के लिए उठाए जा रहे कदम यह दिखाते हैं कि मणिपुर में शांति स्थापित करना एक लंबी प्रक्रिया हो सकती है।

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