महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर एक महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन राज्य में अब भी आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। कांग्रेस पार्टी ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए थे, जिनका चुनाव आयोग ने जवाब दिया है।
चुनाव आयोग ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में मतदाताओं के नाम में कोई मनमानी तरीके से बदलाव नहीं किया गया। कांग्रेस द्वारा उठाए गए आरोपों का जवाब देते हुए आयोग ने कहा कि चुनावी आंकड़ों की तुलना करने में कांग्रेस की चिंता बेबुनियाद है।
आयोग के अनुसार, शाम 5 बजे तक के मतदान के आंकड़ों की तुलना रात 11:45 बजे तक के आंकड़ों से करना उचित नहीं है। आयोग ने बताया कि शाम 5 बजे के बाद मतदान में वृद्धि सामान्य है, जो मतदान के एकत्रीकरण का हिस्सा है। इसमें बताया गया कि डाले गए और गिने गए वोटों में थोड़ा अंतर आ सकता है, लेकिन यह वास्तविक बदलाव नहीं होता।
चुनाव आयोग ने यह भी कहा कि वास्तविक मतदाता मतदान में किसी भी प्रकार का बदलाव करना असंभव है, क्योंकि मतदान का विवरण देने वाला वैधानिक फॉर्म 17सी मतदान केंद्र पर मतदान बंद होने के बाद उम्मीदवारों के अधिकृत एजेंटों के पास होता है। आयोग ने साफ किया कि महाराष्ट्र में मतदाता सूची तैयार करते समय पारदर्शी और नियम-आधारित प्रक्रिया का पालन किया गया, और इसमें कोई अनियमितता नहीं हुई। कांग्रेस के आरोपों के बावजूद, आयोग ने बताया कि मतदाता सूची तैयार करने में कांग्रेस प्रतिनिधियों की भी उचित भागीदारी रही थी।