हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हाल ही में गैर-भा.ज.पा. शासित राज्यों को एक सीधी चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि यदि इन राज्यों की सरकारों में वास्तविक हिम्मत है, तो वे हरियाणा सरकार के द्वारा की गई पहल की तरह 24 फसलों की खरीद एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर करें। सैनी ने स्पष्ट किया कि हरियाणा सरकार ने राज्य में किसानों द्वारा उगाई जाने वाली 24 फसलों को एमएसपी पर खरीदने का फैसला किया है, जबकि किसी अन्य राज्य में ऐसा कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने विपक्षी दलों को यह चुनौती दी कि यदि वे वास्तव में किसान हितैषी हैं, तो उन्हें इस तरह के फैसले को लागू कर दिखाना चाहिए।
इंदरी में आयोजित एक धन्यवाद रैली को संबोधित करते हुए नायब सिंह सैनी ने कहा, "हमने पहले ही 24 फसलों की एमएसपी पर खरीद का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। अब मैं हिमाचल, पंजाब, दिल्ली, कर्नाटक और तेलंगाना की सरकारों को भी इस फैसले को लागू करने की चुनौती देता हूं।" उन्होंने इस कदम को किसानों के कल्याण के लिए एक बड़ा निर्णय बताया और यह भी कहा कि इससे अन्य राज्यों को प्रेरणा मिलनी चाहिए।
सर्दी और हल्की बारिश के बावजूद रैली में लोगों की भारी संख्या में मौजूदगी पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जनता का विश्वास है, जो उनकी सरकार ने स्थापित किया है। उनका कहना था कि इतनी ठंड और बारिश में भी इतनी बड़ी संख्या में लोग रैली में शामिल हुए, यह इस बात का संकेत है कि जनता का सरकार पर कितना विश्वास है और वह अपनी सरकार के प्रति कितनी सकारात्मक सोच रखती है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जनता ने अपनी उम्मीदों और समर्थन से साबित कर दिया कि उनकी सरकार ने जो वादे किए थे, उन्हें सही तरीके से निभाया है।
भा.ज.पा. के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार भी किसानों की सभी फसलों को एमएसपी पर खरीदने की बात करती रही है और यह सुनिश्चित करने का दावा करती है कि किसान अपनी फसल को उचित मूल्य पर बेच सकें। हालांकि, न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर कानून बनाने की मांग को लेकर सरकार ने अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। इस विषय पर सरकार किसान नेताओं से बातचीत कर रही है और कई दौर की चर्चा हो चुकी है, लेकिन अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
मुख्यमंत्री सैनी ने इस कार्यक्रम में कांग्रेस नेता करण दलाल द्वारा ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) के संबंध में उठाए गए सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "जनता ने करण दलाल को पूरी तरह खारिज कर दिया है। वह उन सीटों पर कोई टिप्पणी नहीं करते, जहां कांग्रेस ने चुनाव जीतने में सफलता प्राप्त की है। कांग्रेस के लोग तो पहले ही अपनी सरकार बनाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन जनता ने उनके सभी इरादों को नाकाम कर दिया।"
इस कार्यक्रम में इंदरी के विधायक राम कुमार कश्यप, करनाल के विधायक जगमोहन आनंद और अन्य भाजपा नेता भी उपस्थित थे। यह ध्यान देने योग्य है कि भाजपा ने हाल ही में हरियाणा विधानसभा चुनाव में 48 सीटों पर जीत दर्ज की थी और लगातार तीसरी बार राज्य में अपनी सरकार बनाई है। इस बार भाजपा ने अपने दम पर बहुमत प्राप्त किया, बिना किसी गठबंधन के, और यह उनकी राजनीति में महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री सैनी का यह बयान भाजपा की किसान केंद्रित नीतियों और किसानों के हित में किए गए कार्यों को प्रमुखता से दर्शाता है। उनके अनुसार, हरियाणा सरकार के फैसले से अन्य राज्यों को भी प्रेरणा मिलनी चाहिए और किसानों के कल्याण के लिए समान कदम उठाए जाने चाहिए।