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सुप्रीम कोर्ट ने अभिजीत दीपके की रैली रोकने से किया इनकार!

 31 Aug 2026

अभिजीत दीपके रैली: सुप्रीम कोर्ट का फैसला

अभिजीत दीपके के नेतृत्व वाली कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की 5 सितंबर को दिल्ली में प्रस्तावित रैली पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाने की याचिका को खारिज कर दिया है। भारत के मुख्य न्यायाधीश CJI सूर्यकांत के समक्ष यह याचिका प्रस्तुत की गई थी। CJP का आरोप है कि सरकार ने पिछले वर्ष जुलाई में किए गये वादों को पूरा नहीं किया है: अभिजीत दीपके रैली।


मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, CJI सूर्यकांत ने कहा कि ऐसा कोई ठोस आधार नहीं है जो यह दर्शाए कि रैली के दौरान कोई अप्रिय घटना हो सकती है। याचिका में BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान मार्च को रोकने की मांग की गई थी, जो कि 12 और 13 सितंबर को आयोजित होगा।


CJI का बयान

अभिजीत दीपके रैली: CJI सूर्यकांत ने यह भी स्पष्ट किया कि अधिकारियों से कानून और व्यवस्था बनाए रखने की अपेक्षा की जाती है। उन्होंने कहा कि उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी पक्ष शांतिपूर्ण और जिम्मेदारी से कार्य कर रहे हैं तथा कानून के दायरे में हैं।


यह बिंदु महत्वपूर्ण है क्योंकि CJP ने अपनी रैली के माध्यम से सरकार के खिलाफ अपनी आवाज उठाने की योजना बनाई है, जिसका उद्देश्य पिछले वादों को पूरा करने की मांग करना है।


CJP का विरोध मार्च

CJP ने 5 सितंबर को दिल्ली में विरोध मार्च निकालने की घोषणा की है। पार्टी का आरोप है कि केंद्र सरकार ने 25 जुलाई को किए गए वादों को पूरा नहीं किया, जिसके चलते उन्होंने 36 दिन का आंदोलन वापस लिया था। यह मार्च शिक्षक दिवस के अवसर पर इंडिया गेट से शुरू होकर दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक जाएगा।


इस मार्च का नेतृत्व उन छात्रों के परिजन करेंगे जिन्होंने नीट परीक्षा रद्द होने के बाद आत्महत्या की थी। इसके अतिरिक्त, जुलाई में आंदोलन के दौरान पुलिस की ज्यादती का सामना करने वाले छात्रों के परिजन भी इस मार्च में शामिल होंगे।


CJP का आंदोलन और हिंसा

अभिजीत दीपके रैली: CJP का आंदोलन पेपर लीक के मुद्दे पर 20 जून को जंतर-मंतर से शुरू हुआ था और यह अन्य क्षेत्रों में भी फैल गया। 20 जुलाई को, संगठन के नेतृत्व में संसद की ओर निकाला गया मार्च उस समय हिंसा में बदल गया जब पुलिस ने विरोध करने वाले छात्रों पर कार्रवाई की। इस दौरान कई लोग घायल हुए थे।


CJP का आंदोलन 25 जुलाई को उस समय समाप्त हुआ जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसके साथ ही, सरकार ने आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी वापस लेने पर सहमति जताई।


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