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लोकसभा स्पीकर की कार्रवाई, TMC बागियों को 7 दिन का नोटिस मिला
26 Aug 2026
TMC के बागी सांसदों के खिलाफ नोटिस
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसदों के लिए बुधवार को एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया, जब लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने उन्हें नोटिस जारी किया। इस नोटिस में सांसदों से 7 दिनों के भीतर जवाब देने को कहा गया है। यह घटनाक्रम उस समय आया जब सुप्रीम कोर्ट ने एक दिन पहले, मंगलवार को, TMC के नेता और सांसद अभिषेक बनर्जी की याचिका पर सुनवाई की थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इन बागी सांसदों को नोटिस जारी किया।
सागरिका घोष, जो TMC की राज्यसभा सांसद हैं, ने इस घटना को पार्टी के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, 'एक बड़ी और अहम बात। आखिरकार, लोकसभा स्पीकर ने उन 20 बागी सांसदों को नोटिस भेजा है, जिन पर अभिषेक बनर्जी ने अयोग्यता की याचिका दायर की थी। उन्हें 7 दिनों के भीतर इसका जवाब देना होगा।'
अयोग्यता याचिकाएं और उनका आधार
TMC ने जून में अपने 20 सांसदों के खिलाफ विभिन्न अयोग्यता याचिकाएं लोकसभा स्पीकर के समक्ष दायर की थीं। अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि इन सांसदों ने पार्टी से अलग होकर दूसरी पार्टी में शामिल होने का निर्णय लिया है, जो संविधान की दसवीं अनुसूची यानी एंटी-डिफेक्शन कानून के तहत कार्रवाई का आधार बनता है।
उल्लेखनीय है कि ये बागी सांसद TMC को छोड़कर नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल हो गए थे और NDA का समर्थन करने की घोषणा की थी। बागी खेमे का दावा है कि उनके पास TMC के 20 सांसदों का समर्थन है, जिससे यह कदम दो-तिहाई संख्या के कारण वैध है। TMC ने इस दावे का विरोध किया है।
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और स्पीकर की प्रतिक्रिया
अभिषेक बनर्जी ने स्पीकर के समक्ष लंबित याचिकाओं के बाद सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, जिसमें उन्होंने मांग की थी कि अयोग्यता की याचिकाओं पर समयबद्ध तरीके से निर्णय लिया जाए। मंगलवार, 25 अगस्त को, चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले पर सुनवाई की और 20 बागी TMC सांसदों को नोटिस जारी किया। कोर्ट ने मामले पर 28 अगस्त को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।
हालांकि, अदालत ने लोकसभा स्पीकर के कार्यालय या लोकसभा महासचिव को अलग से नोटिस जारी नहीं किया। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने स्पीकर और लोकसभा सचिवालय की ओर से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सुप्रीम कोर्ट में मुख्य प्रश्न यह है कि स्पीकर के समक्ष लंबित अयोग्यता की कार्यवाही पर उचित समय में निर्णय लिया जाना चाहिए या नहीं।
स्पीकर का नोटिस और आगे की प्रक्रिया
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के कुछ घंटों बाद, लोकसभा स्पीकर के कार्यालय ने 20 बागी सांसदों को नोटिस जारी किया। नोटिस में उनसे अभिषेक बनर्जी द्वारा दायर अयोग्यता याचिकाओं पर अपना जवाब देने को कहा गया है और इसके लिए सात दिन का समय निर्धारित किया गया है।
सांसदों का जवाब मिलने के बाद, स्पीकर मामले पर आगे की सुनवाई और निर्णय की प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकते हैं। यह कदम TMC के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि पार्टी संविधान की रक्षा और अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए प्रयासरत है।
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