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टीएमसी बागी सांसदों को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस, सुनवाई शुरू

 25 Aug 2026

टीएमसी बागी सांसद: सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

टीएमसी बागी सांसद: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की हालिया हार के बाद पार्टी छोड़कर नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) से जुड़ने वाले सांसदों को सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस भेजा है। टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने यह याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से 20 बागी सांसदों को अयोग्य ठहराने के संबंध में शीघ्र निर्णय लेने का अनुरोध किया था। मुख्य न्यायाधीश डी.Y. चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने बागी सांसदों को जवाब देने का निर्देश दिया है।


अभिषेक बनर्जी की याचिका

टीएमसी बागी सांसद: अभिषेक बनर्जी ने अपनी याचिका में लोकसभा अध्यक्ष और महासचिव को भी नोटिस जारी करने की मांग की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस अनुरोध को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि उनके मामले में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता उपस्थित हैं। इसी प्रकार का एक अन्य मामला भी कोर्ट में विचाराधीन है, जिसमें शिवसेना (UBT) के 6 सांसदों ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना में शामिल होने के बाद सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।


कार्यवाही में देरी को चुनौती

बनर्जी ने अपनी याचिका में सांसदों के खिलाफ अयोग्यता कार्यवाही में हो रही देरी को चुनौती दी है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से संविधान के दलबदल विरोधी प्रावधानों के अनुसार अयोग्यता संबंधी याचिकाओं का शीघ्र निपटारा करने का अनुरोध किया है। इससे पहले, उन्होंने 20 सांसदों के खिलाफ अलग-अलग याचिकाएं दायर की थीं और इनका त्वरित निपटारा करने की मांग की थी।


बनर्जी की लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात

टीएमसी बागी सांसद: खबरों के अनुसार, इस मुद्दे पर अभिषेक बनर्जी ने 27 जुलाई को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लिखित रूप से याद दिलाया था और 12 अगस्त को उनसे मुलाकात की थी। यह विवाद तृणमूल के संसदीय दल में हुई बगावत के बाद उत्पन्न हुआ है। तृणमूल के 20 सांसदों ने घोषणा की थी कि वे एनसीपीआई में शामिल हो गए हैं या इसके साथ विलय कर लिया है, साथ ही उन्होंने लोकसभा में एक अलग दल के रूप में मान्यता देने का अनुरोध किया था।


दल बदल कानून का संदर्भ

टीएमसी का कहना है कि ये सांसद पार्टी के चुनाव चिह्न पर चुनाव जीत चुके हैं और किसी अन्य राजनीतिक संगठन के साथ जुड़ने का उनका निर्णय पार्टी की सदस्यता छोड़ने के समान है। ऐसे में, दलबदल विरोधी कानून के तहत उन्हें अयोग्य ठहराने का आधार बन सकता है।


बागी सांसदों की सूची

बागी सांसदों की पूरी सूची में निम्नलिखित नाम शामिल हैं: काकोली घोष दस्तीदार, शताब्दी रॉय, बापी हलदर, सायोनी घोष, खलीलुर्रहमान, अबू ताहिर खान, यूसुफ पठान, मिताली बैग, डॉ. शर्मिला सरकार, प्रसून बंद्योपाध्याय, जगदीश बर्मा बसुनिया, असित कुमार मल, अरूप चक्रवर्ती, रचना बनर्जी, माला रॉय, कालीपद सोरेन, दीपक अधिकारी, जून मालिया, और पार्थ भौमिक।


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