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भारत में चीनी की कमी, सरकार ने आयात की तैयारी अब शुरू की है।
24 Aug 2026
चीनी की कमी: सरकार का सक्रिय कदम
भारत में चीनी की कमी की चिंताओं के बीच, सरकार ने सक्रियता दिखाई है। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने रविवार को बताया कि त्योहारों के मौसम से पहले चीनी की उपलब्धता और बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार ने कई उपाय किए हैं। उन्होंने कहा कि गन्ने की फसल में रेड रॉट बीमारी और अल नीनो की स्थिति के कारण उत्पादन में कमी आई है, जिसका असर न केवल भारत पर, बल्कि वैश्विक कृषि उत्पादन पर भी पड़ा है।
जोशी ने स्पष्ट किया कि भारत की चीनी की आवश्यकता लगभग 280 लाख टन है, जबकि वर्तमान में हमारे पास 20 से 25 लाख टन का अतिरिक्त स्टॉक उपलब्ध है।
ब्राजील से आयात की संभावना
सहकारी चीनी मिलों की संस्था एनएफसीएसएफ के प्रमुख प्रकाश नाइकनवारे ने बताया कि भारत में आने वाली चीनी की कुछ खेप 15 अक्तूबर से पहले पहुंच सकती है, लेकिन इसकी मात्रा का सही अनुमान लगाना अभी मुश्किल है। उन्होंने कहा कि जमाखोरी पर रोक लगाने के उपायों की वजह से कीमतों में कुछ गिरावट आ रही है।
नाइकनवारे ने यह भी बताया कि वर्तमान में ब्राजील ही आयात के लिए एकमात्र व्यावहारिक स्रोत है, क्योंकि थाईलैंड खुद चीनी की कमी का सामना कर रहा है। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में सप्लाई प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी।
कीमतों में गिरावट का संकेत
चीनी की कमी: एनएफसीएसएफ के अध्यक्ष ने बताया कि केंद्रीय खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने फेडरेशन और इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों से चर्चा की थी। उन्होंने बाजार में पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने और कीमतों को नियंत्रित करने का निर्देश दिया था।
इससे पहले, चीनी की कीमतें 65-67 रुपये प्रति किलोग्राम तक बढ़ गई थीं, लेकिन हाल ही में खुले टेंडरों में यह 5 रुपये प्रति किलोग्राम तक गिर गई है।
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