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कांग्रेस का वंदे मातरम् मुद्दा: दो अंतरों पर बढ़ा विवाद।
21 Aug 2026
कांग्रेस का वंदे मातरम् मुद्दा: कांग्रेस कार्य समिति का निर्णय
कांग्रेस का वंदे मातरम् मुद्दा: कांग्रेस कार्य समिति (CWC) ने बुधवार को 1937 के अपने प्रस्ताव को मान्यता देने का निर्णय लिया है। इस निर्णय के अनुसार, पार्टी के सभी आयोजनों में वंदे मातरम् के केवल दो अंतरे गाए जाएंगे। भारतीय जनता पार्टी ने इस फैसले पर कांग्रेस को निशाने पर लिया है, वहीं कांग्रेस के भीतर भी इस पर मतभेद देखने को मिल रहे हैं। हालांकि, अभी तक किसी भी नेता ने इस मुद्दे पर आधिकारिक रूप से टिप्पणी नहीं की है।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, CWC के एक सदस्य ने कहा, 'यह वाइड बॉल है। पार्टी इसे खेलने के बजाय छोड़ सकती थी।' उन्होंने यह भी कहा कि 'कुछ और भी महत्वपूर्ण मुद्दे हैं जो सामने आ रहे हैं, जैसे छात्रों की उम्मीदें और चंदा चोरी, जिनमें सरकार बैकफुट पर है।'
कांग्रेस की रणनीति पर सवाल
कांग्रेस का वंदे मातरम् मुद्दा: एक और कांग्रेस नेता ने बातचीत में कहा, 'हमने संसद में बिल का विरोध नहीं किया क्योंकि उस समय सदन में हंगामा था और बिल शोर के बीच पास हो गया। लेकिन यह भी सच है कि हमने संसद के बाहर भी उस बिल का विरोध नहीं किया जैसे कि हमने परिसीमन या FCRA संशोधन बिल के खिलाफ किया था। अब हम इसके बारे में बात कर रहे हैं।'
इस बीच, CWC सदस्य कन्हैया कुमार ने पार्टी के फैसले की रक्षा करते हुए कहा, 'हमें एक ठोस निर्णय लेना था। नहीं तो कार्यकर्ताओं में असमंजस की स्थिति बन जाती। हमें स्वतंत्रता संग्राम की विरासत को बचाना होगा।'
सिंघवी का बयान
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, 'यह कानून राष्ट्रीय स्तर के आधिकारिक आयोजनों के लिए है... घर, होटल या संस्थानों के निजी आयोजनों का इसमें कोई जिक्र नहीं है।' उन्होंने यह भी कहा कि यह कानून राष्ट्रीय गीत के गायन में बाधा डालने को अपराध मानता है।
उन्होंने आगे कहा, 'कांग्रेस पार्टी के अंदरूनी कामकाज की बात कर रही है, सरकार के कामकाज की नहीं। बीजेपी जानबूझकर देशभक्ति को इस मुद्दे में उलझाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस ने ही वंदे मातरम् को राष्ट्रीय गीत का दर्जा दिया था।'
कांग्रेस का स्पष्ट रुख
कांग्रेस का वंदे मातरम् मुद्दा: कांग्रेस ने बुधवार को स्पष्ट किया कि वह वंदे मातरम् को लेकर 1937 के निर्णय का पूरी तरह पालन करेगी। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने उस प्रस्ताव के कुछ अंश पेश किए, जिसमें वंदे मातरम् के दो अंतरों के गायन का निर्णय लिया गया था।
कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि इस मुद्दे पर पार्टी का रुख स्पष्ट है और इसमें कोई भ्रम नहीं है। बीते 15 अगस्त को कांग्रेस कार्यालय में ध्वजारोहण समारोह के दौरान वंदे मातरम् के गायन को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ था, जब सोनिया गांधी ने खरगे की ओर इशारा किया।
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