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शहजाद पूनावाला इस्तीफा: BJP छोड़ कांग्रेस वापसी पर रखी शर्त!
19 Aug 2026
शहजाद पूनावाला इस्तीफा भाजपा से इस्तीफे की वजहें
शहजाद पूनावाला इस्तीफा: शहजाद पूनावाला ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता पद सहित सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने इस्तीफे के पीछे आर्थिक कारणों को बताते हुए कहा कि पार्टी अपने कार्यकर्ताओं को कोई वित्तीय सहायता नहीं देती।
एक हालिया इंटरव्यू में पूनावाला ने स्पष्ट किया, 'मुझे घर का किराया देना होता है। मेरा मकान मालिक मुझे मुफ्त में रहने नहीं देगा, भले ही मैं भाजपा का कार्यकर्ता हूं।' उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल कार्यकर्ताओं को पैसे नहीं देते हैं।
राजनीतिक आंदोलन का संदर्भ
पूनावाला ने यह भी बताया कि भाजपा का कार्यकर्ता बनाए रखना उनके लिए संभव नहीं था। उन्होंने कहा, 'जब आप किसी राजनीतिक आंदोलन से जुड़ते हैं, तो यह नौकरी नहीं होती, बल्कि आप अपनी विचारधारा और संगठन के प्रति प्रेम के कारण कार्यकर्ता बनते हैं।'
उन्होंने यह स्पष्ट किया कि यह निर्णय अचानक नहीं था, बल्कि वह इसे पिछले कुछ समय से सोच रहे थे। पूनावाला ने कहा कि कई नेताओं ने उन्हें भाजपा छोड़ने के विषय में संपर्क किया था।
कांग्रेस में शामिल होने की शर्तें
शहजाद पूनावाला इस्तीफा: कांग्रेस में शामिल होने के सवाल पर पूनावाला ने कहा कि वह शर्तों के साथ पार्टी में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने कहा, 'मैं कांग्रेस में शामिल हो जाऊंगा, लेकिन राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका वाड्रा को हटाना होगा। साथ ही, नेहरू के कार्यों पर माफी मांगनी होगी।'
गौरतलब है कि पूनावाला 2021 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे।
भाजपा के प्रति अपनी आस्था
पूनावाला ने यह भी कहा कि वे वैचारिक रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बने रहेंगे। उन्होंने कहा, 'मैं राहुल गांधी की तरह भविष्यवक्ता नहीं हूं, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी से बड़ा नेता इस देश में कोई नहीं है।'
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता के रूप में अपने अनुभव को देखते हुए उन्होंने कहा कि इस समय भाजपा ही देश की सबसे अच्छी पार्टी है।
इस्तीफा पत्र में उल्लेखित बातें
पूनावाला ने अपने इस्तीफे के पत्र में लिखा, 'पिछले दिनों की घटनाओं और व्यक्तियों के बारे में मैंने आपको विस्तार से बताया है, जिन्होंने मुझे अपने निर्णय पर दृढ़ रहने के लिए मजबूर किया है।'
उन्होंने पत्र में कहा, 'आवश्यक आर्थिक और व्यक्तिगत कारणों से, मैं निजी क्षेत्र में प्रवेश करूंगा, लेकिन मैं जहां भी संभव होगा, प्रधानमंत्री मोदी जी और भाजपा के दृष्टिकोण का समर्थन करता रहूंगा।'
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