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बॉम्बे हाईकोर्ट की FDA को फटकार, तुकाराम मुंढे को बड़ा झटका!

 18 Aug 2026

बॉम्बे हाईकोर्ट का सख्त रुख

बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र खाद्य और औषधि प्रशासन (एफडीए) को तगड़ी फटकार लगाते हुए तुकाराम मुंढे की अगुवाई में चलाए जा रहे अभियान को झटका दिया है। इस मामले में कोर्ट ने पुणे की मिठाई दुकान 'गुरुनानक डेरी एंड स्वीट्स' के मामले में 34 दिनों तक जबरन बंद रखने के एफडीए के आदेश को रद्द कर दिया है।


कोर्ट ने एफडीए को आदेश दिया है कि वह 30 दिनों के भीतर मिठाई दुकान के मालिक को पांच लाख रुपये का जुर्माना अदा करे। यह निर्णय तब आया जब दुकान के मालिक ने कोर्ट को बताया कि उन्हें 34 दिनों तक दुकान बंद रखने के कारण लगभग 8.5 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।


री इंसपेक्शन रिपोर्ट का महत्व

बॉम्बे हाईकोर्ट: दुकान के मालिक ने बताया कि री इंसपेक्शन रिपोर्ट में उन्हें 36 में से 35 अंक यानी 98 प्रतिशत कंप्लायंस मिला था, फिर भी उनकी दुकान को बंद रखा गया। यह स्थिति कोर्ट में सुनवाई के दौरान सामने आई, जहां कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवींद्र वी घुगे और न्यायमूर्ति गौतम अंखड की पीठ ने एफडीए द्वारा की गई कार्रवाई को अजीब नीति करार दिया।


कोर्ट ने इस बात पर भी जोर दिया कि जब री इंसपेक्शन रिपोर्ट में 98 प्रतिशत का स्कोर प्राप्त होता है, तो मिठाई दुकान का लाइसेंस निलंबन तुरंत वापस लिया जाना चाहिए था।


लाइसेंस निलंबन का कारण

बता दें कि 12 जून को फूड पॉयजनिंग की शिकायत मिलने के बाद एफडीए ने इस दुकान का लाइसेंस निलंबित कर दिया था। जांच में वहाँ साफ-सफाई और स्वच्छता में कई कमियां पाई गई थीं। हालांकि, गुरुनानक डेरी एंड स्वीट्स ने 9 जुलाई को अपनी कमियों को दूर कर रिपोर्ट सौंपी, जिसके बाद एफडीए ने पुनः निरीक्षण किया और दुकान को 98 प्रतिशत फूड सेफ्टी स्कोर दिया।


इसके बावजूद, दुकान का लाइसेंस बहाल नहीं किया गया, जिससे दुकानदार को अंततः बॉम्बे हाईकोर्ट का सहारा लेना पड़ा।


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