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हेमंत सोरेन छात्र समर्थन: राहुल गांधी ने बड़ा पत्र जारी किया

 17 Aug 2026

हेमंत सोरेन छात्र समर्थन: छात्रों का आंदोलन तेज

हेमंत सोरेन छात्र समर्थन: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC-CGL) की भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली, पेपर लीक और भ्रष्टाचार के खिलाफ रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों का आंदोलन उग्र हो गया है। इस आंदोलन के 24वें दिन, सोमवार को, छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो सहित कई अभ्यर्थी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बने रहे।


इस बीच, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक पत्र भेजा है, जिसने राज्य के राजनीतिक माहौल में हलचल पैदा कर दी है। पत्र में राहुल ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि वे आंदोलनरत छात्रों से सीधे मिलकर उनकी समस्याएं सुनें।


राहुल गांधी का पत्र

हेमंत सोरेन छात्र समर्थन: राहुल गांधी ने 14 अगस्त को मुख्यमंत्री सोरेन को भेजे गए पत्र में छात्रों के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन और उनकी मांगों को उचित ठहराया। उन्होंने लिखा, 'संविधान द्वारा प्रदत्त शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार हमारे लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण तत्व है। पिछले कुछ महीनों से पेपर लीक और शिक्षा प्रणाली की कमियों के खिलाफ संघर्षरत छात्रों को कांग्रेस का पूरा समर्थन है।'


उन्होंने आगे कहा, 'मेरे सुझाव के अनुसार, मुख्यमंत्री को स्वयं छात्र प्रतिनिधियों से मिलकर उनकी चिंताओं का समाधान करना चाहिए।' राहुल ने झारखंड सरकार की ओर से छात्रों के साथ संवाद आरंभ करने की सराहना की तथा कहा कि छात्रों की कई मांगों पर सहमति भी बनी है।


राजनीतिक दबाव और प्रतिक्रिया

राहुल गांधी का यह पत्र JMM सरकार पर दबाव बढ़ाने का एक प्रयास है ताकि छात्रों की मांगों को शीघ्र पूरा किया जा सके। इस पत्र ने INDIA गठबंधन में संभावित दरार की आशंका को भी जन्म दिया है। भाजपा लगातार राहुल गांधी पर हमला कर रही है, यह कहते हुए कि वे झारखंड में चल रहे छात्र प्रदर्शन के प्रति चुप हैं।


हालांकि, राहुल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में छात्रों पर लाठी चार्ज को गलत ठहराते हुए कहा था। दूसरी ओर, भाजपा ने राहुल की चिट्ठी को आपत्तिजनक बताया और सवाल उठाया कि वे रांची क्यों नहीं जा रहे हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि राहुल गांधी ने राजनीतिक लाभ से बचने के लिए यह पत्र लिखा है।


छात्रों की मुख्य मांगें

हेमंत सोरेन छात्र समर्थन: राहुल गांधी की चिट्ठी के बावजूद, आंदोलनरत छात्रों का गुस्सा कम नहीं हुआ है। 'JPSC-JSSC सुधार मंच' के बैनर तले विरोध कर रहे अभ्यर्थियों ने कांग्रेस पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। छात्रों ने स्पष्ट किया है कि यदि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन राहुल गांधी की बातों पर ध्यान नहीं देते हैं, तो कांग्रेस को तुरंत इस गठबंधन सरकार से अपना समर्थन वापस लेना चाहिए।


16 अगस्त को प्रदर्शनकारी छात्रों ने अल्बर्ट एक्का चौक पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के पुतले जलाए। छात्रों ने सरकार को अपनी मांगें पूरी करने के लिए 18 अगस्त तक का अल्टीमेटम दिया है। यदि उनकी मांगों को मान्यता नहीं दी गई, तो अभ्यर्थियों ने 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने और हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग करने का ऐलान किया है।


सरकार की प्रतिक्रिया

छात्रों की मुख्य मांगों में 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा और JSSC-CGL परीक्षा में कथित रूप से सीटें बेचने के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग शामिल है। इसके अलावा, विवादित परीक्षाओं को रद्द कर पारदर्शी ढंग से दोबारा आयोजित करने की भी मांग की गई है।


हेमंत सोरेन सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए, सोमवार को छात्रों के 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए दोबारा आमंत्रित किया है।


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